Homeउत्तर प्रदेशयोगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना से लाखों छात्रों को मिला संबल, प्रयागराज...

योगी सरकार की छात्रवृत्ति योजना से लाखों छात्रों को मिला संबल, प्रयागराज प्रदेश में सबसे आगे

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा को बढ़ावा देने और आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के विद्यार्थियों को सहयोग देने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। पिछड़ा वर्ग पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से लाखों छात्र-छात्राओं को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। वर्ष 2025-26 में इस योजना के तहत प्रदेश के 8.88 लाख से अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिला है।

लाभार्थियों की संख्या के मामले में प्रयागराज जिला पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है। यहां 39,892 छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति का लाभ प्राप्त हुआ। इसके बाद आजमगढ़ में 35,785, गाजीपुर में 32,872, जौनपुर में 31,475 तथा कुशीनगर में 26,137 विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिला।

आंकड़ों के अनुसार इस वर्ष 4.58 लाख से अधिक छात्राओं, 4.30 लाख से अधिक छात्रों और 3 ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान की गई है। छात्राओं की संख्या अधिक होना प्रदेश में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।

पूर्वदशम छात्रवृत्ति योजना कक्षा 9 और 10 में अध्ययनरत पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संचालित की जाती है। योजना के तहत पात्र छात्रों को 150 रुपये प्रतिमाह की दर से अधिकतम 10 माह तक छात्रवृत्ति तथा 750 रुपये का वार्षिक अनुदान दिया जाता है। इस प्रकार प्रत्येक विद्यार्थी को कुल 2,250 रुपये तक की सहायता उपलब्ध कराई जाती है।

सरकार ने छात्रवृत्ति वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है। विद्यार्थी छात्रवृत्ति प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से आवेदन करते हैं और स्वीकृत राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाती है।

योजना का लाभ उन परिवारों के बच्चों को दिया जाता है जिनकी वार्षिक आय दो लाख रुपये या उससे कम है। इसका उद्देश्य आर्थिक अभाव के कारण किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई प्रभावित न होने देना और उन्हें शिक्षा से जोड़े रखना है।

पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने कहा कि सरकार की छात्रवृत्ति योजनाएं पिछड़ा वर्ग के विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर प्रदान कर रही हैं। सरकार का प्रयास है कि हर पात्र विद्यार्थी को समय पर सहायता मिले और आर्थिक कठिनाइयां उसकी पढ़ाई में बाधा न बनें।

RELATED ARTICLES

Most Popular