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अनुपूरक बजट में शिक्षा पर सरकार का बड़ा दांव, बेसिक से टेक्निकल एजुकेशन तक करोड़ों की सौगात

उत्तर प्रदेश सरकार ने अनुपूरक बजट के जरिए शिक्षा क्षेत्र को मजबूती देने के लिए बड़ा वित्तीय प्रावधान किया है। सबसे अधिक राशि बेसिक शिक्षा विभाग को दी गई है, जिससे परिषदीय विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था, छात्र-कल्याण योजनाओं और आधारभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। साथ ही तकनीकी, उच्च और व्यावसायिक शिक्षा के लिए भी अतिरिक्त बजट का प्रावधान किया गया है।

बेसिक शिक्षा विभाग के लिए 351.25 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है। इससे विद्यालयों में शैक्षणिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना का संचालन अधिक प्रभावी होगा।

तकनीकी शिक्षा विभाग को 521.14 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बजट मिला है। इसमें 513.14 करोड़ रुपये पूंजीगत कार्यों और 8 करोड़ रुपये राजस्व मद के लिए निर्धारित किए गए हैं। टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के 31 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में 382.12 करोड़ रुपये की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे। यहां विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ऑटोमेशन, एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग, इलेक्ट्रिक व्हीकल और इंडस्ट्री 4.0 जैसी आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण मिलेगा।

इसके अलावा नए राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों की स्थापना के लिए 101 करोड़ रुपये, तकनीकी शिक्षा विभाग के एकीकृत कार्यालय भवन के लिए 2 करोड़ रुपये, इंजीनियरिंग संस्थानों में छात्रावास निर्माण के लिए 5 करोड़ रुपये और पुराने भवनों के जीर्णोद्धार के लिए भी 5 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

इंजीनियरिंग कॉलेज कन्नौज, एचबीटीयू कानपुर और उत्तर प्रदेश वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर को 5-5 करोड़ रुपये, जबकि बुंदेलखंड इंजीनियरिंग कॉलेज, झांसी को 11 करोड़ रुपये दिए गए हैं।

उच्च शिक्षा के तहत संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी को निर्माणाधीन परियोजनाएं पूरी करने और आधारभूत ढांचा मजबूत करने के लिए 5 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। वहीं व्यावसायिक शिक्षा में प्रशिक्षण एवं सेवा योजना निदेशालय के लिए 1.98 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

एक लाख शिक्षकों को मिलेगा बीमा राशि का लाभ

सरकार ने बेसिक शिक्षा परिषद के विद्यालयों में 31 मार्च 2014 के बाद नियुक्त शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों के वेतन से सामूहिक बीमा योजना के तहत काटी गई प्रीमियम राशि लौटाने के लिए 134.60 करोड़ रुपये की अतिरिक्त व्यवस्था की है। इससे एक लाख से अधिक शिक्षकों को लाभ मिलेगा। प्रत्येक शिक्षक को औसतन करीब 5,000 रुपये की प्रीमियम राशि वापस मिलने की संभावना है।

इसके अलावा पीएम पोषण (मिड-डे मील) योजना के तहत रसोइयों के मानदेय के लिए 216.66 करोड़ रुपये का अतिरिक्त टॉप-अप बजट भी मंजूर किया गया है।

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