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11,508 सहायक अध्यापक पदों की भर्ती में आयु सीमा में छूट, टीजीटी अभ्यर्थियों को TET पास करने के लिए 30 जून 2027 तक का समय

रिपोर्ट – प्रिया बाजपेयी शुक्ला

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए दो अहम फैसले सामने आए हैं। परिषदीय विद्यालयों में चल रही 11,508 सहायक अध्यापक पदों की भर्ती में शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट देने का निर्णय लिया गया है। इसके तहत 60 वर्ष तक की उम्र के शिक्षामित्र भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे।

वहीं, प्रदेश के मान्यता प्राप्त और अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (टीजीटी) भर्ती के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) अनिवार्य कर दी गई है। हालांकि, पहली बार लागू हो रही इस अनिवार्यता के चलते अभ्यर्थियों को टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए 30 जून 2027 तक की मोहलत दी जाएगी।

11,508 पदों की भर्ती में शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट

बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सचिव, बेसिक शिक्षा परिषद को निर्देश जारी कर शिक्षामित्रों को आयु सीमा में छूट देने के फैसले को वर्तमान चयन एवं नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल करने को कहा है। यह भर्ती नगर क्षेत्र के 11,508 सहायक अध्यापक पदों के लिए चल रही है।

भर्ती में सामान्य अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा एक जुलाई को 21 से 40 वर्ष निर्धारित है। वहीं, शिक्षामित्रों को दी गई विशेष छूट के बाद 60 वर्ष तक की उम्र के अभ्यर्थियों को भी आवेदन का अवसर मिल सकेगा।

यह निर्णय सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के क्रम में लिया गया है। इससे पहले भी शिक्षक भर्तियों में शिक्षामित्रों को भारांक और आयु सीमा में छूट दी जा चुकी है। 69,000 शिक्षक भर्ती से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को अगली चयन प्रक्रिया में एक और अवसर देने पर विचार करने को कहा था। इसी के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। इस छूट से प्रदेश के परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत करीब 1.43 लाख शिक्षामित्रों को लाभ मिलने की संभावना है।

टीजीटी भर्ती में टीईटी अनिवार्य, अर्हता में बदलाव

दूसरी ओर, एडेड माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक यानी टीजीटी भर्ती के लिए पात्रता संबंधी नियमों में बदलाव किया गया है। माध्यमिक शिक्षा विभाग ने संशोधित अर्हता जारी करते हुए उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को आगामी भर्ती विज्ञप्ति में इसे शामिल करने के निर्देश दिए हैं।

संशोधित नियमों के अनुसार, अभ्यर्थी के पास संबंधित विषय में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से न्यूनतम 50 प्रतिशत अंकों के साथ स्नातक अथवा 45 प्रतिशत अंकों के साथ परास्नातक की योग्यता होनी चाहिए। इसके अलावा एनसीटीई से मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम से बीएड और प्रदेश या केंद्र सरकार की ओर से आयोजित उच्च प्राथमिक स्तर यानी कक्षा छह से आठ की टीईटी उत्तीर्ण होना भी अनिवार्य होगा।

30 जून 2027 तक मिलेगी टीईटी पास करने की मोहलत

माध्यमिक शिक्षा विभाग के विशेष सचिव डॉ. अशोक कुमार कनौजिया की ओर से जारी निर्देश के मुताबिक, टीजीटी भर्ती में टीईटी की अनिवार्यता पहली बार लागू की जा रही है। ऐसे में अभ्यर्थियों को 30 जून 2027 तक टीईटी उत्तीर्ण करने का वैध प्रमाणपत्र हासिल करने की छूट दी जाएगी।

शासन ने आयोग से टीईटी परीक्षा जल्द दोबारा आयोजित कराने के लिए भी कहा है, ताकि अभ्यर्थियों को निर्धारित समय में परीक्षा पास करने का अवसर मिल सके।

हालांकि, चयन सूची में नाम आने या चयनित घोषित होने मात्र से नियुक्ति का अधिकार नहीं मिलेगा। नियुक्ति पत्र जारी करने से पहले निर्धारित शैक्षिक और अन्य अर्हताओं की पूर्ति तथा अभिलेखों का सत्यापन जरूरी होगा।

इन दोनों फैसलों से एक ओर शिक्षामित्रों को भर्ती में आयु सीमा के लिहाज से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर टीजीटी अभ्यर्थियों को नई पात्रता शर्त के अनुरूप टीईटी उत्तीर्ण करने के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा।

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