रिपोर्ट – अंकित पाण्डेय
हमीरपुर ।परिवहन विभाग ने ई-चालान व्यवस्था में बड़ा तकनीकी बदलाव किया है। विभाग ने नया ई-चालान मोबाइल ऐप और पोर्टल शुरू किया है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अब वाहन चालान केवल नए ई-चालान ऐप के माध्यम से ही जारी किए जाएंगे। नए चालान जारी होते ही उनकी जानकारी नए पोर्टल पर उपलब्ध हो जाएगी।
नई तकनीकी व्यवस्था लागू करने के दौरान पुराने ई-चालान ऐप और पोर्टल पर दर्ज चालानों के आंकड़ों को नए ई-चालान सर्वर पर स्थानांतरित किया जा रहा है। प्रदेशभर में पुराने चालानों की संख्या अधिक होने के कारण डेटा ट्रांसफर की प्रक्रिया में करीब दो से तीन दिन का समय लग सकता है। इस वजह से अगले कुछ दिनों तक पुराने ई-चालानों से जुड़े कुछ कार्य प्रभावित रहेंगे।
पुराने चालानों का रिकॉर्ड नए पोर्टल पर होगा उपलब्ध
एआरटीओ प्रशासन प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पुरानी व्यवस्था में लंबित चालानों के आंकड़ों को नए सिस्टम में अपलोड और समन्वित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पुराने सिस्टम का कोई भी जरूरी रिकॉर्ड नए सर्वर पर स्थानांतरित होने से छूट न जाए।
डेटा ट्रांसफर की प्रक्रिया पूरी होने के बाद पुराने ई-चालानों का रिकॉर्ड नए पोर्टल पर उपलब्ध कराया जाएगा। इस दौरान पुराने चालानों से संबंधित कुछ सेवाओं के लिए वाहन स्वामियों को इंतजार करना पड़ सकता है।
नए ऐप से ही जारी होंगे चालान
नई व्यवस्था में प्रवर्तन अधिकारियों के मोबाइल फोन या टैबलेट में नया ई-चालान ऐप इंस्टॉल किया जाएगा। प्रारंभिक परीक्षण के दौरान वाहन के पंजीकरण प्रमाणपत्र, ड्राइविंग लाइसेंस और कार्यालय से संबंधित विवरण की जांच की जाएगी। यदि परीक्षण के दौरान कोई तकनीकी समस्या सामने आती है तो उसे विभागीय स्तर पर दूर किया जाएगा।
नई व्यवस्था के बाद पुराने ऐप से नए चालान जारी नहीं किए जाएंगे। आगे की पूरी चालान प्रक्रिया नए ई-चालान ऐप के माध्यम से ही संचालित होगी।
23 सितंबर की रात से लागू हुई नई व्यवस्था
परिवहन विभाग के अनुसार नई तकनीकी व्यवस्था 23 सितंबर 2026 की रात 12 बजे से लागू की गई है। सिस्टम अपडेट और पुराने आंकड़ों के स्थानांतरण के दौरान वाहन चालान, पुराने चालानों से जुड़े कार्य और पोर्टल की कुछ सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित हो सकती हैं।
विभाग ने वाहन स्वामियों और आम नागरिकों से अपील की है कि इस अवधि में पुराने चालानों से जुड़े जरूरी कार्य के लिए अनावश्यक रूप से परिवहन कार्यालय के चक्कर न लगाएं। नई व्यवस्था के पूरी तरह सक्रिय होने के बाद संबंधित सेवाएं नए पोर्टल के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएंगी।
