उत्तर प्रदेश रोडवेज कर्मचारी कल्याण संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन का ऐलान कर दिया है। संगठन के पदाधिकारियों ने 26 मई को लखनऊ में रोडवेज के प्रबंध निदेशक के घेराव की घोषणा की है। इससे पहले 18 मई को क्षेत्रीय प्रबंधक को मांग पत्र सौंपा जाएगा।
संगठन के नेता लगातार बैठकें कर कर्मचारियों को एकजुट करने में जुटे हैं। बुधवार को किदवईनगर डिपो में संविदा और नियमित कर्मचारियों के साथ बैठक आयोजित की गई, जिसमें आंदोलन की रणनीति और एमडी घेराव कार्यक्रम की जानकारी दी गई।
बैठक में क्षेत्रीय अध्यक्ष योगेश अग्निहोत्री और संयुक्त प्रांत मंत्री राजेश द्विवेदी ने कहा कि संगठन की मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि बस अड्डों के आसपास अवैध डग्गामार वाहनों के संचालन पर रोक नहीं लगाई जा रही है, जबकि निगम में लगातार निजीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
नेताओं ने कहा कि बस अड्डों को पीपीपी मॉडल पर दिया जा रहा है और कार्यशालाएं भी निजी हाथों में सौंपी जा रही हैं। संगठन की प्रमुख मांग है कि संविदा कर्मियों को नियमित किया जाए या फिर उनका न्यूनतम मानदेय 25 हजार रुपये निर्धारित किया जाए। फिलहाल उन्हें 2.25 रुपये प्रति किलोमीटर के हिसाब से भुगतान किया जा रहा है।
बैठक में एके सिंह, क्षेत्रीय मंत्री अमित तिवारी, किदवईनगर शाखा अध्यक्ष निखिल त्रिपाठी और मंत्री ब्रजेश पांडेय समेत कई कर्मचारी मौजूद रहे।
