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योगी कैबिनेट के बड़े फैसले: एक्सप्रेसवे, उद्योग और फ्री बस यात्रा…

न्यूज़ डेस्क, लखनऊ

लखनऊ, 25 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में औद्योगिक विकास, एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी, सार्वजनिक परिवहन और महिला सशक्तीकरण से जुड़े कई अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों से प्रदेश में बड़े निवेश को बढ़ावा देने के साथ-साथ बुंदेलखंड और पूर्वांचल की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है।

सुल्तानपुर में 272 करोड़ से बनेगा औद्योगिक क्लस्टर

कैबिनेट ने औद्योगिक कॉरिडोर योजना के तहत सुल्तानपुर में इंटीग्रेटेड मैन्युफैक्चरिंग एंड लॉजिस्टिक्स क्लस्टर (आईएमएलसी) विकसित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के समीप विकसित होने वाले इस क्लस्टर के लिए अवस्थापना विकास पर करीब 272.25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

निर्माण एजेंसी का चयन ग्लोबल बिड के माध्यम से किया जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और बेहतर लॉजिस्टिक्स सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

7,968 करोड़ से बनेगा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे

कैबिनेट ने 7,968.30 करोड़ रुपये की लागत वाली झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को भी मंजूरी दे दी है। इस परियोजना से बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण यानी बीडा क्षेत्र और डिफेंस कॉरिडोर को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है।

एक्सप्रेसवे के जरिए झांसी और आसपास के महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों की प्रदेश तथा देश के दूसरे हिस्सों से आवाजाही आसान होगी। इससे बुंदेलखंड में औद्योगिक गतिविधियों और निवेश को गति मिलने की संभावना है।

हरिद्वार तक पहुंचेगा गंगा एक्सप्रेसवे

योगी कैबिनेट ने गंगा एक्सप्रेसवे को हरिद्वार तक विस्तारित करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी। इसके विस्तार पर अनुमानित 10,761 करोड़ रुपये खर्च होंगे।

प्रस्तावित ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे का निर्माण छह लेन में किया जाएगा, जिसे भविष्य में आठ लेन तक विस्तारित किया जा सकेगा। इस परियोजना से बिजनौर क्षेत्र की कनेक्टिविटी बेहतर होने के साथ प्रयागराज और हरिद्वार जैसे प्रमुख धार्मिक शहरों के बीच तेज और नियंत्रित सड़क संपर्क विकसित होगा।

आठ मेगा औद्योगिक इकाइयों को निवेश प्रोत्साहन

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश औद्योगिक निवेश एवं रोजगार प्रोत्साहन नीति-2022 के तहत आठ मेगा श्रेणी की औद्योगिक इकाइयों को लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी किए जाने की संस्तुति को मंजूरी दी है।

इन इकाइयों के माध्यम से प्रदेश में कुल 2,901.97 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है। पात्र औद्योगिक इकाइयों को नीति के तहत नेट एसजीएसटी और पूंजीगत सब्सिडी जैसे प्रोत्साहन मिल सकेंगे।

तीन परियोजनाओं में 2,606 करोड़ का निवेश

कैबिनेट ने तीन प्रमुख औद्योगिक इकाइयों को भी लेटर ऑफ कम्फर्ट जारी करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं में एग्रिस्टो मासा, कैनपैक इंडिया और सुप्रीम इंडस्ट्रीज शामिल हैं।

इनके जरिए प्रदेश में कुल 2,606.04 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। परियोजनाएं बिजनौर, उन्नाव और कानपुर देहात में स्थापित की जाएंगी। इनमें फ्रेंच फ्राइज, एल्युमिनियम बेवरेज कैन और प्लास्टिक बिल्डिंग सॉल्यूशन से जुड़े उत्पादों का निर्माण प्रस्तावित है।

60 साल से अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा

कैबिनेट के सबसे महत्वपूर्ण जनकल्याणकारी फैसलों में 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को यूपी रोडवेज की सामान्य बसों में निशुल्क यात्रा की सुविधा देना शामिल है। इस फैसले से प्रदेश की हजारों वरिष्ठ महिलाओं को सीधे आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है। सरकार ने इस योजना के लिए बजट प्रावधान भी किया है।

महिलाओं को सुविधा उपलब्ध कराने के लिए परिवहन निगम की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगे। योजना का उद्देश्य वरिष्ठ महिलाओं के लिए सार्वजनिक परिवहन को अधिक सुलभ और किफायती बनाना है।

250 नई इलेक्ट्रिक बसों को मंजूरी

सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए कैबिनेट ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 250 नई वातानुकूलित इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

इनमें 50 सीटर 100 बसें और 41 सीटर 150 बसें शामिल होंगी। बसों की खरीद पर करीब 425.50 करोड़ रुपये का संभावित खर्च आएगा। इसमें 400 करोड़ रुपये सरकार उपलब्ध कराएगी, जबकि शेष करीब 25.50 करोड़ रुपये का खर्च परिवहन निगम अपने संसाधनों से वहन करेगा।

इलेक्ट्रिक बसों के बेड़े में बढ़ोतरी से प्रदूषण कम करने और प्रदेश के प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों के लिए सार्वजनिक परिवहन सुविधा बेहतर करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

उद्योग, कनेक्टिविटी और परिवहन पर फोकस

कैबिनेट के इन फैसलों में एक ओर जहां बड़े एक्सप्रेसवे और औद्योगिक परियोजनाओं के जरिए प्रदेश की कनेक्टिविटी और निवेश क्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया है, वहीं वरिष्ठ महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के जरिए सार्वजनिक परिवहन को भी मजबूत करने की दिशा में कदम उठाया गया है। इन फैसलों से प्रदेश में निवेश, रोजगार, परिवहन और क्षेत्रीय विकास को गति मिलने की उम्मीद है।

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