लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बुधवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट बैठक में विकास, कृषि, न्याय, कारागार और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने विकास प्राधिकरण क्षेत्रों में जिला पंचायतों द्वारा स्वीकृत मानचित्रों के विनियमतीकरण, बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु पर मुआवजा नीति, मोहनलालगंज में नए उप निबंधक कार्यालय के निर्माण, मक्का खरीद नीति तथा राज्य विधि अधिकारियों की फीस बढ़ाने सहित कई अहम फैसले लिए।
कैबिनेट ने निर्णय लिया कि विकास प्राधिकरण और विनियमित क्षेत्रों में जहां अभी महायोजना तैयार नहीं हुई है, वहां मानचित्र स्वीकृति के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की जाएगी। इससे नागरिकों और निर्माणकर्ताओं को राहत मिलेगी तथा निर्माण कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी।
कारागारों में निरुद्ध बंदियों की अप्राकृतिक मृत्यु के मामलों में आश्रितों को समयबद्ध राहत देने के लिए “उत्तर प्रदेश बंदी मृत्यु एवं मुआवजा भुगतान नीति” को भी मंजूरी दी गई। नई व्यवस्था के तहत मुआवजा भुगतान की प्रक्रिया अधिक सरल और पारदर्शी होगी।
लखनऊ के मोहनलालगंज में नए उप निबंधक कार्यालय के निर्माण के लिए 953 वर्गमीटर भूमि हस्तांतरित करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत किया गया। इससे क्षेत्र के लोगों को पंजीकरण संबंधी सेवाएं बेहतर ढंग से उपलब्ध हो सकेंगी
किसानों के हित में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के लिए मक्का खरीद नीति को मंजूरी दी गई। सरकार 15 जून से 31 जुलाई तक 25 जिलों में 2400 रुपये प्रति क्विंटल एमएसपी पर मक्का खरीदेगी। किसानों को भुगतान पीएफएमएस पोर्टल के माध्यम से 48 घंटे के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है।
इसके अलावा राज्य विधि अधिकारियों की रिटेनरशिप और प्रति सुनवाई फीस में वृद्धि को भी मंजूरी दी गई है, जिससे विभिन्न न्यायालयों में राज्य सरकार की प्रभावी पैरवी सुनिश्चित हो सकेगी।
कैबिनेट ने मुरादाबाद, कानपुर नगर, औरैया, ललितपुर और भदोही में नए जिला कारागारों के निर्माण को भी स्वीकृति दी। इन परियोजनाओं पर लगभग 1460 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सरकार का कहना है कि इससे जेलों में भीड़भाड़ कम होगी और बंदियों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
बैठक में झांसी में गोआश्रय एवं पशु सेवा केंद्र के लिए एमओयू और कानपुर के ईएसआई अस्पतालों के हस्तांतरण संबंधी प्रस्तावों को भी मंजूरी प्रदान की गई।
