उत्तर प्रदेश में हाल ही में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नए और पदोन्नति पाए मंत्रियों को विभागों के आवंटन के लिए अभी और इंतजार करना पड़ सकता है। केंद्रीय नेतृत्व और राज्य नेतृत्व के बीच कुछ अहम विभागों को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण मामला फिलहाल अटका हुआ है। अब माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा से वापसी के बाद ही इस पर अंतिम फैसला हो सकेगा।
सूत्रों के अनुसार, 10 मई को हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद विभागों के बंटवारे को लेकर लगातार मंथन चल रहा है, लेकिन अब तक कोई सर्वसम्मति नहीं बन पाई है। बीते दिनों मुख्यमंत्री Yogi Adityanath की गृह मंत्री Amit Shah और पार्टी के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात के बाद उम्मीद थी कि विभागों की घोषणा जल्द हो जाएगी, लेकिन कुछ महत्वपूर्ण मंत्रालयों को लेकर मतभेद बने हुए हैं।
इसी बीच सोमवार को रायपुर में होने वाली मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में मुख्यमंत्री योगी और अमित शाह की एक और मुलाकात की संभावना जताई जा रही है। इस बैठक में Uttar Pradesh, Madhya Pradesh, Chhattisgarh और Uttarakhand के मुख्यमंत्री भी शामिल होंगे। राजनीतिक गलियारों में इस बैठक को विभाग बंटवारे के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सूत्रों का कहना है कि गृह मंत्री अमित शाह रविवार से तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे, जबकि प्रधानमंत्री की विदेश यात्रा 20 मई तक निर्धारित है। ऐसे में अब विभागों के आवंटन का फार्मूला 20 मई के बाद ही निकलने की संभावना है।
मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में देरी का असर पार्टी संगठन और निगम-बोर्ड नियुक्तियों पर भी पड़ रहा है। पहले योजना थी कि मंत्रिमंडल विस्तार के तुरंत बाद निगमों और बोर्डों में खाली पदों को भरा जाएगा और प्रदेश अध्यक्ष की नई टीम की घोषणा भी कर दी जाएगी। इसके लिए सूची तक तैयार कर ली गई थी, यहां तक कि दर्जा प्राप्त मंत्रियों के नाम भी लगभग तय बताए जा रहे थे। लेकिन विभागों के आवंटन पर सहमति न बनने के कारण इन सभी फैसलों को फिलहाल टाल दिया गया है।
विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने तंज कसते हुए कहा कि नए मंत्रियों के विभाग “ऊपर से आने वाली पर्ची” के आधार पर तय होंगे।
