Homeउत्तर प्रदेशयोगी सरकार की बड़ी पहल: कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में अब सिर्फ ट्रेनिंग...

योगी सरकार की बड़ी पहल: कौशल प्रशिक्षण केंद्रों में अब सिर्फ ट्रेनिंग नहीं, व्यक्तित्व विकास और लीडरशिप पर भी जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्रामीण युवाओं के कौशल विकास को नई दिशा देने की पहल की है। अब प्रशिक्षण केंद्रों में केवल तकनीकी प्रशिक्षण ही नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और डिजिटल साक्षरता पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (UPSDM) ने दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना (डीडीयू-जीकेवाई) के तहत संचालित सभी आवासीय प्रशिक्षण केंद्रों के लिए वर्षभर चलने वाली सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों का विस्तृत कैलेंडर जारी कर दिया है। इन गतिविधियों का उद्देश्य युवाओं को रोजगार के साथ-साथ आत्मविश्वासी और कॉर्पोरेट जगत के अनुरूप तैयार करना है।

पूरे साल चलेंगी विविध गतिविधियां
जारी कैलेंडर के अनुसार पूरे वर्ष विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दिवसों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, खेल प्रतियोगिताओं, करियर काउंसलिंग, उद्यमिता सत्रों और पब्लिक स्पीकिंग जैसी गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।
योग, स्वास्थ्य और फिटनेस को बढ़ावा देने के साथ-साथ ग्रुप डिस्कशन, मॉक इंटरव्यू, वाद-विवाद प्रतियोगिता और डिजिटल लर्निंग पर भी विशेष फोकस रहेगा। स्वतंत्रता दिवस, गणतंत्र दिवस, महिला दिवस, हिंदी दिवस और गांधी जयंती जैसे अवसरों पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

 हर केंद्र पर बनेंगे छह क्लब
इस नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक प्रशिक्षण केंद्र पर छह विशेष क्लबों का गठन अनिवार्य किया गया है। इनमें सांस्कृतिक, खेल एवं फिटनेस, डिजिटल एवं आईटी, साहित्य एवं भाषा, पर्यावरण एवं सामाजिक जागरूकता तथा उद्यमिता एवं करियर विकास क्लब शामिल होंगे।
प्रत्येक क्लब में प्रशिक्षार्थियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी, जिसमें महिला और दिव्यांग प्रशिक्षार्थियों को भी शामिल करना अनिवार्य होगा।

सख्त निगरानी और कार्रवाई का प्रावधान
सरकार ने स्पष्ट किया है कि सभी गतिविधियों की जियोटैग फोटो, उपस्थिति और प्रगति रिपोर्ट नियमित रूप से मिशन मुख्यालय को भेजनी होगी। निर्देशों का पालन न करने वाली संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी।

 युवाओं के सर्वांगीण विकास पर जोर
मिशन निदेशक के अनुसार यह पहल युवाओं को केवल तकनीकी रूप से सक्षम बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें आत्मविश्वासी, संवाद कुशल और नेतृत्व क्षमता से युक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

RELATED ARTICLES

Most Popular