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सीएम योगी बोले- एक व्यक्ति और परिवार की कीमत चुकाता था पूरा यूपी, अब 9.5 लाख युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

न्यूज डेस्क, लखनऊ

लखनऊ में डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान के छठे स्थापना दिवस समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं और सरकारी भर्ती प्रक्रिया को लेकर अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

उन्होंने कहा कि पहले एक व्यक्ति और एक परिवार के कृत्यों की कीमत पूरे उत्तर प्रदेश को पहचान के संकट, अराजकता, भ्रष्टाचार और खराब कानून व्यवस्था के रूप में चुकानी पड़ती थी। आज प्रदेश पारदर्शिता और शुचिता के साथ आगे बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े नौ वर्ष में प्रदेश में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है। उन्होंने दावा किया कि नियुक्ति प्रक्रिया में भेदभाव या लेनदेन का आरोप लगाने की स्थिति नहीं है। उन्होंने कहा कि पारदर्शी नियुक्ति प्रक्रिया से प्रदेश की कार्यक्षमता और विकास को नई गति मिली है।

 लोहिया संस्थान में अत्याधुनिक सुविधाओं का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने लोहिया संस्थान में मुख्य चिकित्सा अंग प्रत्यारोपण यूनिट समेत कई आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लोकार्पण किया। इनमें 40 बेड का इमरजेंसी वार्ड, 4डी-सीटी सिम्युलेटर, पेट-सीटी, स्पेक्ट-सीटी, 1.5 टेस्ला एमआरआई और नेविगेटेड आरटीएमएस मशीन शामिल हैं। उन्होंने कहा कि संस्थान में जल्द ही बोन मैरो ट्रांसप्लांट की सुविधा भी शुरू होगी।

उन्होंने कहा कि अंग प्रत्यारोपण यूनिट शुरू होने से किडनी ट्रांसप्लांट की वेटिंग लिस्ट कम करने में मदद मिलेगी। प्रदेश में उपचार के लिए आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना और अन्य योजनाओं के जरिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है। अब बड़ी चुनौती गंभीर बीमारियों के इलाज की लंबी प्रतीक्षा सूची कम करना है।

 20 बेड से 1,400 बेड तक पहुंचा संस्थान

सीएम योगी ने कहा कि कभी 20 बेड से शुरू हुआ यह संस्थान आज *1,400 बेड के सुपर स्पेशियलिटी संस्थान** के रूप में विकसित हो चुका है। संस्थान में 1,010 बेड के नए अस्पताल और 350 बेड के ट्रॉमा सेंटर की भी तैयारी है।

उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में सरकारी और निजी क्षेत्र को मिलाकर 41 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब यह संख्या बढ़कर 85 मेडिकल कॉलेज और दो एम्स हो गई है। एमबीबीएस की सीटें 4,690 से बढ़कर 13,600 से अधिक हो गई हैं। पीजी सीटों की संख्या भी 3,564 से बढ़कर 5,067 हो गई है।

मेडिकल रिसर्च और एआई पर जोर

मुख्यमंत्री ने चिकित्सा संस्थानों से इलाज के साथ रिसर्च और नई तकनीक पर भी काम करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय मेडिकल डाटा का संरक्षण जरूरी है, ताकि देश अपनी परिस्थितियों के अनुसार स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित कर सके। एआई, रोबोटिक सर्जरी, एडवांस इमेजिंग, टेलीमेडिसिन और डिजिटल हेल्थ को चिकित्सा क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।

कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष समेत वरिष्ठ अधिकारी, चिकित्सक, संकाय सदस्य और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने संस्थान में भर्ती हुए 194 नवनियुक्त कार्मिकों को नियुक्ति पत्र  भी प्रदान किए और उत्कृष्ट कार्य करने वाले चिकित्सकों एवं नर्सिंग कर्मियों को सम्मानित किया।

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