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बदायूं में फर्जी क्लीनिकों पर कार्रवाई को लेकर सवाल, पत्रकार से बदसलूकी

रिपोर्ट – अजय पाल यादव 

बदायूं ।बिल्सी तहसील के इस्लामनगर और नूरपुर पिनौनी में स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई पर सवाल, पत्रकार को धमकाने और कवरेज से रोकने का मामला

बदायूं के बिल्सी तहसील क्षेत्र के इस्लामनगर और नूरपुर पिनौनी में झोलाछाप डॉक्टरों का मकड़जाल फैला हुआ है। बिना डिग्री और बिना लाइसेंस के क्लीनिक संचालित किए जाने की शिकायतें लंबे समय से स्वास्थ्य विभाग तक पहुंच रही थीं।

ग्रामीणों की शिकायतों के बाद स्वास्थ्य विभाग की एसीएमओ टीम मौके पर पहुंची। टीम ने क्षेत्र में संचालित क्लीनिकों का निरीक्षण किया, लेकिन कार्रवाई के तरीके को लेकर सवाल खड़े हो गए।

मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की गई। क्लीनिक संचालकों के दस्तावेजों की जांच, दवाओं के सत्यापन और नियमों के उल्लंघन पर ठोस कार्रवाई को लेकर स्थिति साफ नहीं हो सकी।

इसी दौरान ARYAN TV NATIONAL के पत्रकार अजयपाल यादव ने एसीएमओ से कार्रवाई को लेकर सवाल पूछे। लेकिन सवालों का जवाब देने के बजाय पत्रकार के साथ बदतमीजी की गई।

पत्रकार को धमकाया गया, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया और मौके पर खबर की कवरेज करने से रोक दिया गया।

लेकिन यहां सवाल सिर्फ स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई का नहीं है। सवाल यह भी है कि आखिर पत्रकार को जनता के लिए क्यों रखा गया है? पत्रकार का काम ही है कि वह जनता से जुड़े मुद्दों पर सवाल पूछे और अधिकारियों से जवाब मांगे।

अगर स्वास्थ्य विभाग की टीम शिकायतों के आधार पर कार्रवाई करने मौके पर पहुंची थी, तो उस कार्रवाई को लेकर सवाल पूछना गलत कैसे हो गया? और अगर पत्रकार ने सवाल पूछा, तो उसका जवाब देने के बजाय उसे धमकाना, बदतमीजी करना और कवरेज से रोकना क्या सही है?

जनता के सवालों को सामने रखना पत्रकार की जिम्मेदारी है। ऐसे में जनहित के सवाल पूछने वाले पत्रकार के साथ इस तरह का व्यवहार कई सवाल खड़े करता है।

अब बड़ा सवाल यह है कि इस्लामनगर और नूरपुर पिनौनी में कथित अवैध क्लीनिकों के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग ने वास्तव में क्या कार्रवाई की? क्या सिर्फ निरीक्षण तक कार्रवाई सीमित रहेगी या फिर नियमों के मुताबिक ठोस कार्रवाई भी होगी?

साथ ही स्वास्थ्य विभाग को यह भी स्पष्ट करना होगा कि मौके पर पत्रकार को कवरेज करने से क्यों रोका गया और उसके साथ बदसलूकी क्यों की गई।

फिलहाल इस पूरे मामले ने स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई और पत्रकार के साथ किए गए व्यवहार, दोनों को सवालों के घेरे में ला दिया है।

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