तिरुपति मंदिर में प्रसाद के तौर पर मिलने वाले लड्डुओं में मिलावटी घी इस्तेमाल किए जाने से जुड़े मामले में एक विशेष जांच टीम ने चार मुख्य अभियुक्तों को गिरफ़्तार कर लिया है.सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई की देखरेख में एसआईटी का गठन किया गया था.
बीबीसी तेलुगू के मुताबिक एसआईटी ने विपिन जैन (45) और पोमिल जैन (47) को गिरफ़्तार किया है. ये दोनों उत्तराखंड स्थित रुड़की में भोलेबाबा ऑर्गेनिक डेयरी के निदेशक हैं.
इनके अलावा, तिरुपति जिले में वैष्णवी डेयरी स्पेशलिटिज़ लिमिटेड के सीईओ अपूर्व विनयकांत चावड़ा (47), और तमिलनाडू स्थित डिंडीगुल में एआर डेयरी के मैनेजिंग डायरेक्टर राजू राजशेखरन (69) को भी गिरफ़्तार किया गया है.
रिमांड रिपोर्ट में कहा गया है कि विपिन जैन और पोमिल जैन वैष्णवी डेयरी के निदेशक थे, जिस समय घी में मिलावट की जा रही थी. सभी चार अभियुक्तों को रविवार दोपहर गिरफ़्तार किया गया, और अलिपिरी (तिरुपति) में एसआईटी ऑफ़िस लाया गया.
रिमांड रिपोर्ट तैयार होने के बाद चारों अभियुक्तों को भारी सुरक्षा के बीच मेडिकल कराने के लिए रुइया हॉस्पिटल ले जाया गया.
इसके बाद, इस केस के जांच अधिकारी एडिशनल एसपी वेंकट राव चारों अभियुक्तों को एडिशनल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट प्रवीण कुमार के घर लेकर गए. ज्यूडिशियल ऑफ़िसर ने चारों अभियुक्तों को रिमांड पर भेजने का आदेश दिया.
