छिंदवाड़ा: गणतंत्र दिवस के मौके पर छिंदवाड़ा जिले के एक सरकारी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस वक्त माहौल बदल गया, जब बच्चों की जगह नेताओं और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ज्यादा नजर आई। जिले के प्रभारी मंत्री और मध्य प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने इस पर खुलकर नाराजगी जताई और साफ शब्दों में कहा—“पहले बच्चे भोजन करेंगे, उसके बाद ही हम।”
स्कूल पहुंचे मंत्री, खाली दिखीं बच्चों की कुर्सियां
राकेश सिंह खजरी स्थित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत आयोजित विशेष भोज में शामिल होने पहुंचे थे। जैसे ही वे भोजन के लिए बैठे, उनकी नजर बच्चों की कम मौजूदगी पर पड़ी। वहीं, आगे की पंक्तियों में नेता और कार्यकर्ता बैठे दिखे। यह दृश्य देखते ही मंत्री असहज हो गए और उन्होंने भोजन करने से इनकार कर दिया।
व्यवस्था पर जताई नाराजगी
मंत्री ने वहां मौजूद स्टाफ से कहा कि पहले बच्चों को बैठाया जाए और उन्हीं को भोजन परोसा जाए। उन्होंने नेताओं और कार्यकर्ताओं से भी अपील की कि वे बाद में भोजन करें। बच्चों के बैठने और उन्हें प्राथमिकता दिए जाने के बाद ही राकेश सिंह ने थाली में भोजन लिया और बच्चों के साथ बैठकर खाना खाया।
वीडियो वायरल, मंत्री की हो रही तारीफ
इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। लोग मंत्री के इस कदम की जमकर सराहना कर रहे हैं। यूजर्स का कहना है कि अक्सर सरकारी और वीआईपी कार्यक्रमों में असली लाभार्थी पीछे रह जाते हैं, लेकिन राकेश सिंह ने यह सुनिश्चित किया कि गणतंत्र दिवस का उत्सव बच्चों के नाम रहे।
जनप्रतिनिधियों के लिए बना उदाहरण
स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि यह घटना अन्य जनप्रतिनिधियों के लिए एक मजबूत संदेश है—सरकारी योजनाएं और आयोजन उन्हीं के लिए होते हैं, जिनके हित में वे बनाए जाते हैं। छिंदवाड़ा से सामने आई यह तस्वीर बताती है कि सही नेतृत्व किसे कहते हैं।
