नई दिल्ली: संसद के बजट सत्र में बुधवार को पूर्व आर्मी चीफ जनरल (रि) एम.एम. नरवणे की किताब और कांग्रेस नेताओं से जुड़ी अन्य विवादित किताबों को लेकर हंगामा मचा। इस दौरान बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने सदन में कांग्रेस नेताओं से संबंधित कुछ किताबें दिखाई और उनके कथित विवादित पहलुओं का जिक्र किया, जिस पर विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी।
निशिकांत दुबे ने कहा कि ये किताबें नेहरू-गांधी परिवार की गद्दारी, मक्कारी और अय्याशी से भरी हैं। उन्होंने इंदिरा गांधी और सोनिया गांधी से संबंधित 3-4 किताबों का जिक्र किया। हालांकि, अध्यक्ष ओम बिरला कई बार दुबे को टोकते रहे। विपक्षी सांसदों के विरोध और शोर-शराबे के कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी।
स्थगन के बाद कांग्रेस सांसद स्पीकर के चैंबर गए और आपत्ति जताई कि राहुल गांधी की किताबें कोट नहीं की जा रही, लेकिन निशिकांत दुबे को क्यों बोलने दिया गया। इससे पहले, एम.एम. नरवणे की अप्रकाशित किताब, विपक्षी सांसदों के निलंबन और अन्य मुद्दों को लेकर भी हंगामा हुआ था।
सदन की कार्यवाही दोपहर 12 बजे और फिर दो बजे तक कई बार स्थगित करनी पड़ी। वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने कार्यवाही शुरू होने पर विपक्ष की नारेबाजी के बीच भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर अपना वक्तव्य पढ़ा।
स्पीकर ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों से कहा कि सदन में मर्यादा और आचार का पालन करना सभी सदस्यों की जिम्मेदारी है और शोर-शराबा जारी रहने पर उन्होंने नाराजगी जताई।
