छत्तीसगढ़। छत्तीसगढ़ के सेन समाज ने शादी-सगाई से जुड़े कई पुराने रीति-रिवाजों में बड़े बदलाव किए हैं। समाज ने सगाई के बाद रिश्तों के टूटने की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए अब युवक-युवती को फोन पर अकेले में बातचीत करने पर रोक लगा दी है। इसके अलावा, शादी के दौरान दुल्हन की बहनें दूल्हे का जूता नहीं छिपा पाएंगी। यह फैसला समाज की जिला स्तरीय बैठक में लिया गया।
सगाई और फोन पर बातचीत पर रोक
सदस्य संतोष कौशिक ने बताया कि पुराने नियमों में यह नहीं सोचा गया था कि रिश्ते क्यों टूटते हैं। जांच में पता चला कि सगाई और शादी के बीच लड़का-लड़की की मोबाइल बातचीत के कारण अधिकतर रिश्ते टूट रहे हैं। अब बैठक में तय किया गया कि सगाई के बाद और शादी से पहले मंगेतर केवल माता-पिता की मौजूदगी में ही बातचीत कर सकेंगे।
दुल्हन की बहनों के लिए नया नियम
बालोद जिले के प्रवक्ता उमेश कुमार सेन ने बताया कि अब दूल्हे का जूता छुपाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा। ऐसा करने पर अक्सर दोनों परिवारों के बीच विवाद बढ़ जाता था। इसके अलावा समाज ने तय किया कि किसी भी परिवार का सदस्य धर्म परिवर्तन करता है तो समाज उसके साथ रिश्तों को तोड़ देगा।
अन्य नए नियम
सेन समाज की बैठक में कुछ और बदलाव भी किए गए हैं:
-
सगाई के दौरान केवल 15-20 लोगों को शामिल किया जाएगा।
-
विवाह के दौरान मुहूर्त का ध्यान रखना अनिवार्य होगा।
-
भोजन परोसने के लिए प्लास्टिक की जगह पत्तल का इस्तेमाल किया जाएगा।
छत्तीसगढ़ में पिछड़ा वर्ग में आने वाले सेन समाज की आबादी लगभग सवा दो लाख है, जिनमें से करीब 70 फीसदी लोग सैलून व्यवसाय से जुड़े हैं। समाज का कहना है कि ये बदलाव पारंपरिक रीति-रिवाजों और आधुनिक परिस्थितियों के बीच संतुलन बनाने की कोशिश हैं।
