हिंदू पंचांग के अनुसार हर साल चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से नए विक्रम संवत की शुरुआत होती है। इस बार विक्रम संवत 2082 समाप्त होकर विक्रम संवत 2083 का शुभारंभ होगा। नए संवत का नाम रौद्र संवत्सर बताया जा रहा है।
साल 2026 में 18 मार्च को चैत्र अमावस्या है और इसके अगले दिन 19 मार्च 2026 से हिंदू नववर्ष की शुरुआत होगी। इसी दिन गुड़ी पड़वा का पर्व मनाया जाएगा और चैत्र नवरात्र का भी शुभारंभ होगा।
महाराष्ट्र में हिंदू नववर्ष को गुड़ी पड़वा के रूप में मनाया जाता है, जबकि कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना में इसे युगादी के नाम से जाना जाता है।
चैत्र शुक्ल पक्ष के 15 दिनों में कई प्रमुख व्रत और त्योहार भी मनाए जाएंगे।
मार्च में पड़ने वाले प्रमुख व्रत-त्योहार
19 मार्च 2026 (गुरुवार)
हिंदू नववर्ष विक्रम संवत 2083 की शुरुआत, गुड़ी पड़वा पर्व और चैत्र नवरात्र का पहला दिन। इस दिन नवरात्र की शुरुआत पर घटस्थापना की जाती है।
20 मार्च 2026 (शुक्रवार)
सिंधी समाज का प्रमुख पर्व झूलेलाल जयंती मनाई जाएगी।
21 मार्च 2026 (शनिवार)
इस दिन मत्स्य जयंती, गौरी पूजा और गणगौर का पर्व मनाया जाएगा। गणगौर की विशेष धूम राजस्थान में देखने को मिलती है।
26 मार्च 2026 (गुरुवार)
चैत्र नवरात्र की अष्टमी तिथि। इस दिन हवन और कन्या पूजन किया जाता है।
27 मार्च 2026 (शुक्रवार)
राम नवमी का पर्व मनाया जाएगा। इसी दिन भगवान राम का जन्मोत्सव होता है और नवरात्र का समापन भी होता है।
29 मार्च 2026 (रविवार)
कामदा एकादशी का व्रत रखा जाएगा।
31 मार्च 2026 (मंगलवार)
जैन धर्म का प्रमुख पर्व महावीर जयंती मनाई जाएगी। इस दिन जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर का जन्म हुआ था।
2 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
हनुमान जयंती और चैत्र पूर्णिमा व्रत मनाया जाएगा। इसी के साथ चैत्र मास का समापन होगा।
