उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के नेतृत्व में विकास कार्यों को लगातार गति मिल रही है। इसी क्रम में एकीकृत शिकायत निवारण प्रणाली (आईजीआरएस) की मार्च माह की रिपोर्ट में रामपुर जिले ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर प्रशासनिक दक्षता का नया मानक स्थापित किया है।
आईजीआरएस की ताजा रिपोर्ट के अनुसार रामपुर ने 140 में से 139 अंक प्राप्त कर 99.29 प्रतिशत स्कोर हासिल किया, जो प्रदेश में सर्वोच्च है। यह उपलब्धि जिले में प्रभावी प्रशासन, त्वरित जनशिकायत निस्तारण और विकास कार्यों की सतत निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।
आईजीआरएस के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों में 49 विभागों के 109 कार्यक्रमों की हर माह समीक्षा की जाती है। इसमें जनशिकायतों के निस्तारण, राजस्व कार्यों और विकास परियोजनाओं की गुणवत्ता को प्रमुख आधार बनाया जाता है।
दूसरे स्थान पर हाथरस और बाराबंकी रहे, जिन्होंने 137-137 अंक प्राप्त किए। वहीं शाहजहांपुर और पीलीभीत ने 136-136 अंक हासिल कर संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया।
रामपुर के जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि मुख्यमंत्री की मंशा के अनुरूप जिले में विकास कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जा रहा है। साथ ही आईजीआरएस के जरिए मिलने वाली शिकायतों का त्वरित और संतोषजनक निस्तारण सुनिश्चित किया जा रहा है।
हाथरस के जिलाधिकारी अतुल वत्स के अनुसार, जिले में जनसुनवाई को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे शिकायत निस्तारण दर में लगातार सुधार हुआ है। अधिकारियों के साथ नियमित समीक्षा बैठकें भी इस प्रक्रिया को और प्रभावी बना रही हैं।
रिपोर्ट के अनुसार टॉप-10 जिलों में हमीरपुर, सहारनपुर, बलिया, प्रयागराज और मथुरा भी शामिल हैं, जो प्रदेश में बेहतर प्रशासन और विकास कार्यों की दिशा में अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं।
