लखनऊ। उत्तर प्रदेश में युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाई जा रही सरकारी योजनाएं अब जमीनी स्तर पर सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। Yogi Adityanath के नेतृत्व में संचालित ‘मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना’ शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए एक मजबूत सहारा बनकर उभरी है।
इसी योजना का लाभ उठाकर इटावा जनपद के गाड़ीपुरा निवासी बिलाल हसन ने अपनी मेहनत और लगन से एक सफल उद्यम स्थापित किया है। उन्होंने जिला उद्योग केंद्र से जानकारी लेकर योजना के तहत ₹10 लाख का ऋण प्राप्त किया और प्रिंटिंग प्रेस व फ्लेक्स का व्यवसाय शुरू किया।
शुरुआत में चुनौतियां जरूर थीं, लेकिन सरकारी सहायता और निरंतर प्रयासों के बल पर बिलाल हसन ने अपने व्यवसाय को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। आज उनका कारोबार स्थिर रूप से चल रहा है और वे हर महीने लगभग 50 से 60 हजार रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं।
बिलाल की सफलता केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने अपने व्यवसाय के माध्यम से 5 अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है, जिससे कई परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है।
प्रदेश सरकार की इस योजना के तहत विनिर्माण क्षेत्र में अधिकतम ₹25 लाख तक और सेवा क्षेत्र में ₹10 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इसके साथ ही परियोजना लागत के आधार पर अनुदान (सब्सिडी) भी दी जाती है, जिससे युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने में आर्थिक सहूलियत मिलती है।
सरकार की इस पहल से न केवल युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा मिल रहा है, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में छोटे उद्योगों का विकास भी हो रहा है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने के साथ रोजगार के नए अवसर भी सृजित हो रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि इस तरह की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंचे, तो उत्तर प्रदेश रोजगार सृजन के क्षेत्र में एक मजबूत मॉडल के रूप में उभर सकता है।
