नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्वारा नामित सदस्य हरिवंश नारायण सिंह ने गुरुवार को राज्यसभा सचिवालय में उपसभापति पद के लिए नामांकन दाखिल किया। वे जनता दल (यूनाइटेड) से राज्यसभा में दो बार निर्वाचित हो चुके हैं और दोनों ही बार उपसभापति का दायित्व संभाल चुके हैं।
राज्यसभा में उपसभापति पद का चुनाव शुक्रवार को होना है। हालांकि विपक्ष ने कुछ मुद्दों को लेकर निर्वाचन प्रक्रिया से दूरी बनाने का फैसला किया है। ऐसे में हरिवंश का तीसरी बार निर्विरोध उपसभापति चुना जाना लगभग तय माना जा रहा है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि विपक्ष का यह फैसला हरिवंश के प्रति अनादर नहीं है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अपने तीसरे कार्यकाल में हरिवंश विपक्ष के मुद्दों के प्रति अधिक संवेदनशील रहेंगे।
जयराम रमेश ने विपक्ष की ओर से तीन प्रमुख आपत्तियां भी रखीं। उन्होंने कहा कि पिछले सात वर्षों से लोकसभा में उपाध्यक्ष का पद खाली है। इसके अलावा, राज्यसभा में अब तक किसी नामित सदस्य को उपसभापति बनाने की परंपरा नहीं रही है। साथ ही, तीसरी बार अवसर देने से पहले विपक्ष से कोई परामर्श नहीं किया गया।
गौरतलब है कि पिछले महीने राष्ट्रपति ने हरिवंश को राज्यसभा के लिए नामित किया था। उनका उपसभापति के रूप में पिछला कार्यकाल 9 अप्रैल को समाप्त हो गया था, जिसके बाद यह पद रिक्त था।
संवैधानिक व्यवस्था के तहत उपराष्ट्रपति राज्यसभा के पदेन सभापति होते हैं और उनकी अनुपस्थिति में उपसभापति सदन की कार्यवाही का संचालन करते हैं।
