उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में प्राइवेट स्कूलों द्वारा की जा रही मनमानी फीस वृद्धि के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) की छात्र इकाई ASAP के नेताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने कई छात्र नेताओं को हिरासत में ले लिया।
प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे ASAP के प्रदेश उपाध्यक्ष अंशुल यादव ने आरोप लगाया कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा सरकारी स्कूलों को कमजोर किया जा रहा है, जिससे निजी स्कूलों को अप्रत्यक्ष संरक्षण मिल रहा है और शिक्षा का तेजी से बाजारीकरण हो रहा है।
अंशुल यादव ने बताया कि प्रदेश के प्राइवेट स्कूल हर साल 20 से 30 प्रतिशत तक फीस बढ़ा रहे हैं, जिससे मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों पर भारी आर्थिक बोझ पड़ रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कई स्कूल अभिभावकों को कॉपी, किताब, जूते और यूनिफॉर्म एक ही तय दुकान से खरीदने के लिए मजबूर करते हैं, जो पूरी तरह अनुचित है।
ASAP की प्रमुख मांगें:
उत्तर प्रदेश फीस अधिनियम 2018 को सभी निजी स्कूलों में सख्ती से लागू किया जाए
मनमानी फीस वृद्धि पर तत्काल रोक लगाई जाए
कॉपी, किताब और ड्रेस के लिए एक दुकान से खरीदने की बाध्यता खत्म की जाए
हर जिले में फीस नियंत्रण के लिए निगरानी समिति बनाई जाए
अभिभावकों की शिकायतों के त्वरित समाधान के लिए प्रभावी तंत्र स्थापित किया जाए
