फिल्म की शुरुआत एक क्रिमिनल की तलाश से होती है, जिसके बाद कहानी फ्लैशबैक में जाती है। यहां एक फल बेचने वाला शख्स दिखाया जाता है, जिसे बंदूक का लाइसेंस चाहिए और इसके लिए वह हर हद पार करने को तैयार है।
वह अपने दोस्तों को दांव पर लगाता है और एक नेता के साथ जुड़ जाता है। आखिर उसे लाइसेंस मिल जाता है—लेकिन इसके बाद क्या होता है, यही फिल्म का असली ट्विस्ट है।
कैसी है फिल्म?
फर्स्ट हाफ में अच्छा सस्पेंस और पकड़सेकेंड हाफ थोड़ा प्रेडिक्टेबल देसी ट्रीटमेंट फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
हरियाणवी के साथ पंजाबी और भोजपुरी का मिश्रण फिल्म को अलग फ्लेवर देता है।
कॉमेडी, एक्शन और देसी स्टाइल दर्शकों को बांधे रखते हैं। फिल्म की कहानी भले सिंपल हो, लेकिन प्रेजेंटेशन इसे खास बनाता है—यही वजह है कि कई बॉलीवुड फिल्मों से बेहतर महसूस होती है।
एक्टिंग
Masoom Sharma फिल्म की जान हैं—दो अलग-अलग शेड्स में शानदार Yashpal Sharma ने दमदार परफॉर्मेंस दी
राखी लोछाब और निशा शर्मा ने भी प्रभावित किया सपोर्टिंग कास्ट (मनीष फूल कुमार, आकाश छावड़िया) ने अच्छा साथ दिया
राइटिंग और डायरेक्शन
फिल्म को Ranjit Chauhan ने लिखा और डायरेक्ट किया है।फर्स्ट हाफ की राइटिंग मजबूत
सेकेंड हाफ में थोड़ी ढीलदेसी फील को अच्छी तरह कैप्चर किया गया
रेटिंग: 3/5
