लखनऊ न्यूज़ डेस्क | प्रिया बाजपेयी शुक्ला
इस वर्ष ज्येष्ठ मास के दौरान 19 साल बाद एक दुर्लभ धार्मिक संयोग देखने को मिल रहा है। 5 मई से 23 जून 2026 तक इस बार कुल 8 बड़े मंगल (बुढ़वा मंगल) पड़ेंगे, जबकि सामान्यतः इनकी संख्या 4 से 5 होती है।
पहला बड़ा मंगल 5 मई को मनाया जाएगा, जिसे लेकर मंदिरों में विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं।
श्री कोतवालेश्वर महादेव मंदिर के महंत विशाल गौड़ के अनुसार, बड़े मंगल का विशेष महत्व हनुमान जी की पूजा से जुड़ा है। इस दिन भक्त सिंदूर, चमेली तेल, लाल फूल और तुलसी अर्पित कर हनुमान चालीसा व सुंदरकांड का पाठ करते हैं।
मान्यता है कि इस दौरान भंडारे और सेवा कार्य करने से भगवान हनुमान की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन में सुख-शांति, शक्ति और सफलता मिलती है।
ज्योतिषीय दृष्टि से भी इस वर्ष का संयोग विशेष माना जा रहा है, जिसमें ध्रुव योग और ग्रहों की अनुकूल स्थिति देखी जा रही है।
