मुंबई। Mumbai के बांद्रा ईस्ट स्थित गरीब नगर में अवैध और अनधिकृत ढांचों को हटाने की कार्रवाई पर Bombay High Court ने मुहर लगा दी है। अदालत ने रेलवे को तोड़फोड़ अभियान जारी रखने की अनुमति देते हुए इस पर रोक लगाने की मांग खारिज कर दी।
अदालत ने स्पष्ट किया कि अगस्त 2021 में हुए सर्वे में चिन्हित पात्र झुग्गीवासियों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए और उन्हें बेघर नहीं किया जाना चाहिए। इस मामले में दायर याचिकाओं पर अगली सुनवाई 8 जुलाई 2026 को होगी।
रेलवे ट्रैक के पास हटाए जा रहे अतिक्रमण
रेलवे ट्रैक के आसपास स्थित अवैध ढांचों को अतिक्रमण मानते हुए हटाया जा रहा है। अदालत ने रेलवे की कार्रवाई को उचित ठहराते हुए कहा कि अभियान जारी रहेगा, लेकिन पात्र लोगों के अधिकारों की रक्षा भी जरूरी है।
44 एकड़ में पुनर्विकास को मंजूरी
Supreme Court of India ने बांद्रा के भारत नगर क्षेत्र में 44 एकड़ जमीन पर पुनर्विकास परियोजना को मंजूरी दी है। इस योजना के तहत 7,000 से अधिक परिवारों के पुनर्वास का रास्ता साफ होगा।
राज्य सरकार द्वारा नियमों में बदलाव के बाद अब पुनर्विकास परियोजनाओं के लिए झुग्गीवासियों की सहमति अनिवार्य नहीं रही। इससे मुंबई में विकास कार्यों की रफ्तार तेज हुई है। वहीं पश्चिमी रेलवे ने बांद्रा टर्मिनस के पास अवैध बस्तियों को हटाकर वहां फेंसिंग का काम भी शुरू कर दिया है।
