उत्तर प्रदेश के लखनऊ, अयोध्या, रायबरेली, अमेठी, सुल्तानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, प्रतापगढ़, कानपुर नगर और फतेहपुर जिलों में ग्रामीण महिलाओं का एक विशाल दुग्ध नेटवर्क तैयार किया गया है। अब इस नेटवर्क को पूरी तरह डिजिटल बनाने के लिए ‘सामर्थ्य साथी’ मोबाइल एप लॉन्च किया गया है।
इस एप के जरिए दुग्ध उत्पादकों को रियल टाइम दूध बिक्री, गुणवत्ता जांच, भुगतान और अन्य जरूरी सूचनाएं मोबाइल पर ही उपलब्ध होंगी। सरकार का उद्देश्य महिलाओं को तकनीक से जोड़कर आर्थिक रूप से और मजबूत बनाना है। इसके लिए गांव स्तर पर महिलाओं को डिजिटल प्रशिक्षण और तकनीकी जागरूकता भी दी जा रही है।
तकनीक आधारित इस व्यवस्था से दूध की गुणवत्ता जांच से लेकर भुगतान तक हर प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है। अब ग्रामीण महिलाएं डेटा मैनेजमेंट और डिजिटल रिकॉर्ड की निगरानी भी खुद कर रही हैं। इससे गांवों में महिलाओं की भागीदारी और नेतृत्व दोनों मजबूत हो रहे हैं।
योगी सरकार की यह पहल केवल दुग्ध व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि ‘आत्मनिर्भर गांव’ मॉडल को नई मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। गांव की चौपाल से लेकर मोबाइल स्क्रीन तक पहुंची यह डिजिटल दुग्ध क्रांति अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की नई पहचान बनती दिखाई दे रही है।
