लखनऊ। सीएसआईआर-केंद्रीय औषधि अनुसंधान संस्थान (सीडीआरआई) ने राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस के अवसर पर अपने प्रतिष्ठित ट्रांसलेशनल रिसर्च लेक्चर सीरीज़ का आयोजन किया। कार्यक्रम में प्रसिद्ध अस्थि रोग विशेषज्ञ एवं शिक्षाविद् प्रो. (डॉ.) अजय सिंह ने मुख्य व्याख्यान देकर वैज्ञानिक अनुसंधान और चिकित्सा अभ्यास के बीच बेहतर समन्वय पर जोर दिया।
“माई जर्नी टू ट्रांसलेशनल मेडिसिन ऐज़ ऑर्थोपेडिक सर्जन” विषय पर आयोजित व्याख्यान में प्रो. अजय सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि ट्रांसलेशनल मेडिसिन आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं और रोगियों की बेहतर चिकित्सा में अहम भूमिका निभा रही है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विज्ञान और शोध के समन्वय से स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाएं विकसित हो रही हैं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान की निदेशक डॉ. राधा रंगाराजन ने की। उन्होंने वैज्ञानिकों, नवाचारकर्ताओं और शोधकर्ताओं को सम्मानित करते हुए संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों और सामाजिक सरोकारों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता की सराहना की।
इस अवसर पर संस्थान के वैज्ञानिकों, नवाचारकर्ताओं तथा टेक्नोलॉजी ट्रांसफर एवं लाइसेंसिंग टीम को वैज्ञानिक नवाचार, तकनीकी विकास और ट्रांसलेशनल रिसर्च में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उन शोधकर्ताओं को विशेष सम्मान दिया गया, जिनकी तकनीकों और अनुसंधान उपलब्धियों ने प्रयोगशाला आधारित शोध को जनहितकारी स्वास्थ्य समाधानों में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
समारोह के दौरान सीएसआईआर-सीडीआरआई की वार्षिक प्रतिवेदन 2025-26 का भी विमोचन किया गया। इस प्रतिवेदन में संस्थान की वैज्ञानिक उपलब्धियों, शोध कार्यों और तकनीकी सफलताओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
वक्ताओं ने कहा कि राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस केवल वैज्ञानिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि भविष्य की नवाचारी तकनीकों को प्रेरित करने का भी महत्वपूर्ण अवसर है। कार्यक्रम में वैज्ञानिकों, चिकित्सकों, शिक्षाविदों, शोधार्थियों, विद्यार्थियों और उद्योग जगत से जुड़े प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
