समाजवादी पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और अखिलेश यादव के भाई प्रतीक यादव को गुरुवार को नम आंखों के बीच अंतिम विदाई दी गई। लखनऊ के बैकुंठधाम भैंसाकुंड श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम यात्रा के दौरान परिवार, रिश्तेदारों, राजनीतिक हस्तियों और समर्थकों की भारी भीड़ उमड़ी। पूरा माहौल बेहद भावुक और गमगीन नजर आया।
प्रतीक यादव का पार्थिव शरीर अंतिम दर्शन के लिए विक्रमादित्य मार्ग स्थित आवास पर रखा गया था। यहां सुबह से ही नेताओं, सामाजिक संगठनों और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा। अंतिम दर्शन के दौरान उनकी पत्नी अपर्णा यादव और बेटी प्रथमा खुद को संभाल नहीं पाईं। पति को अंतिम विदाई देते समय अपर्णा यादव फूट-फूटकर रोने लगीं, जबकि बेटी बार-बार अपने पिता के चेहरे को निहारती रही। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गईं।
अंतिम दर्शन के लिए योगी आदित्यनाथ, केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक समेत कई मंत्री और वरिष्ठ नेता पहुंचे। यादव परिवार के सदस्य भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे। शिवपाल सिंह यादव अपने पूरे परिवार के साथ अंतिम दर्शन करने पहुंचे, जबकि सांसद डिंपल यादव ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।

करीब सवा 12 बजे प्रतीक यादव के पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए बैकुंठधाम ले जाया गया। अंतिम यात्रा में समर्थकों और शुभचिंतकों का हुजूम उमड़ पड़ा। रास्तेभर लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी। उनके पार्थिव शरीर को परिवार के सदस्यों और करीबी रिश्तेदारों ने कंधा दिया।

जानकारी के मुताबिक, प्रतीक यादव अपने घर के किचन में बेसुध हालत में मिले थे। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जानकारी में हृदय गति रुकने और फेफड़ों में खून का थक्का जमने को मौत की वजह बताया गया।
बताया जा रहा है कि जिस समय प्रतीक यादव की तबीयत बिगड़ी, उस दौरान अपर्णा यादव मुंबई में थीं। पति के निधन की सूचना मिलते ही वह तुरंत लखनऊ पहुंचीं। पोस्टमार्टम के बाद परिजन पार्थिव शरीर को घर लेकर आए, जहां अंतिम दर्शन के लिए देर रात तक लोगों की भीड़ लगी रही।
प्रतीक यादव के निधन से यादव परिवार समेत राजनीतिक और सामाजिक जगत में शोक की लहर है। अंतिम संस्कार के दौरान हर चेहरा गम में डूबा नजर आया और लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।
