लखनऊ। उत्तर प्रदेश में Yogi Adityanath सरकार ने आयुष्मान भारत योजना में लापरवाही और मानकों से खिलवाड़ करने वाले निजी अस्पतालों पर बड़ा शिकंजा कसा है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर 200 निजी अस्पतालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 100 अस्पतालों का भुगतान रोक दिया गया है, जबकि 100 अस्पतालों को योजना से निलंबित कर दिया गया।
राज्य स्वास्थ्य एजेंसी की सीईओ अर्चना वर्मा ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत अस्पतालों के सत्यापन और मॉनिटरिंग को पहले से अधिक सख्त बनाया गया है। अब अस्पतालों को 35 अनिवार्य मानकों को पूरा करना होगा, जिनमें फायर सेफ्टी एनओसी, डॉक्टरों की योग्यता, इंफ्रास्ट्रक्चर और पंजीकरण संबंधी दस्तावेज शामिल हैं।
सरकार के अनुसार 95 प्रतिशत से अधिक अस्पताल एचईएम 2.0 पोर्टल पर माइग्रेट हो चुके हैं, लेकिन कई अस्पताल तय समय में प्रक्रिया पूरी नहीं कर सके। इनमें लखनऊ, आगरा, गोरखपुर, मेरठ, वाराणसी समेत कई जिलों के अस्पताल शामिल हैं।
योगी सरकार ने सभी सूचीबद्ध अस्पतालों को एनएबीएच प्रमाणन लेने के निर्देश भी दिए हैं। साथ ही अस्पतालों में डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और एबीडीएम सक्षम एचएमआईएस प्रणाली लागू करने पर जोर दिया जा रहा है, ताकि मरीजों को पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सके।
