लोकभवन में आयोजित सम्मान समारोह में प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए 14 अनुदेशकों को बढ़े हुए मानदेय का चेक वितरित किया गया।

अब अंशकालिक अनुदेशकों का मानदेय 9 हजार रुपये से बढ़ाकर 17 हजार रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। साथ ही 5 लाख रुपये तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा भी दी जाएगी।
अनुदेशकों ने कहा कि सरकार ने उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी कर उन्हें सम्मान और आर्थिक मजबूती देने का काम किया है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर बाल वाटिका से कक्षा 8 तक के विद्यार्थियों के लिए तैयार ‘होलिस्टिक रिपोर्ट कार्ड’ का भी विमोचन किया, जिसमें बच्चों के शैक्षणिक के साथ सामाजिक, भावनात्मक और व्यक्तित्व विकास का समग्र मूल्यांकन किया जाएगा।

प्रदेश में शिक्षा के आधुनिकीकरण की दिशा में सरकार लगातार कार्य कर रही है। डिजिटल लाइब्रेरी, कस्तूरबा विद्यालय और समावेशी शिक्षा योजनाओं के जरिए बच्चों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
