उत्तर प्रदेश में होने वाली लेखपाल भर्ती परीक्षा और संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा को लेकर सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने बुधवार को दोनों परीक्षाओं की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षाएं पूरी निष्पक्षता, पारदर्शिता और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच संपन्न कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिन जिलों में अधिक संख्या में अभ्यर्थी परीक्षा देने पहुंचेंगे, वहां अतिरिक्त सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि केंद्र अधीक्षक, स्टैटिक मजिस्ट्रेट, सेक्टर मजिस्ट्रेट और परीक्षा ड्यूटी में लगे कर्मचारियों का गहन प्रशिक्षण कराया जाए ताकि किसी भी स्तर पर लापरवाही न हो। प्रश्नपत्र और गोपनीय सामग्री की निकासी निर्धारित प्रक्रिया के तहत ही की जाए और उन्हें समय से परीक्षा केंद्रों तक सुरक्षित पहुंचाया जाए।
दीपक कुमार ने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की चेकिंग और तलाशी गंभीरता से की जाए। साथ ही सोशल मीडिया और इंटरनेट मीडिया पर विशेष निगरानी रखी जाए ताकि किसी भी प्रकार की अफवाह या पेपर लीक जैसी गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई हो सके। स्थानीय खुफिया तंत्र को भी सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।
गर्मी के मौसम को देखते हुए सभी परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और परीक्षा केंद्रों के आसपास जरूरत के अनुसार होल्डिंग एरिया बनाने तथा अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखने को कहा गया है।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एसएन साबत ने बताया कि लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा 21 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी। यह परीक्षा प्रदेश के 44 जिलों के 861 केंद्रों पर कराई जाएगी, जिसमें करीब 3 लाख 66 हजार 712 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
वहीं, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने जानकारी दी कि संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा के लिए इस वर्ष 4 लाख 44 हजार 958 आवेदन प्राप्त हुए हैं। परीक्षा प्रदेश के 72 जिलों के 1011 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। उन्होंने बताया कि सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी एआई आधारित सर्विलांस सिस्टम और कंट्रोल रूम के जरिए लाइव की जाएगी।
