जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। प्रतिबंधित आतंकी संगठन Al Badr के प्रमुख कमांडरों में शामिल अरजमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान की पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मौत हो गई है।
हमजा बुरहान भारतीय सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल था। वह मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के रत्नीपोरा (खरबतपोरा) क्षेत्र का रहने वाला था और पिछले सात वर्षों से पाकिस्तान में रह रहा था। जांच एजेंसियों के मुताबिक, पुलवामा आतंकी हमले में उसकी अहम भूमिका थी।
कौन था हमजा बुरहान?
आतंकी अरजमंद गुलजार उर्फ हमजा बुरहान जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले का निवासी था। उसके पिता का नाम अहमद डार बताया गया है। वह वैध यात्रा दस्तावेजों के जरिए भारत से पाकिस्तान गया था।
पाकिस्तान पहुंचने के बाद वह Al Badr में शामिल हो गया। कट्टरपंथी गतिविधियों में सक्रिय रहने के चलते उसने जल्द ही संगठन में बड़ा स्थान बना लिया और बाद में कमांडर बना दिया गया।
इसके बाद वह पाकिस्तान और PoK में बैठकर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को संचालित कर रहा था।
पुलवामा हमले में थी अहम भूमिका
14 फरवरी 2019 को हुए Pulwama attack में हमजा बुरहान की महत्वपूर्ण भूमिका बताई जाती है। जांच एजेंसियों के अनुसार, उसने ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के जरिए बड़ी मात्रा में विस्फोटक और हथियार जुटाने का काम किया था।
इसके अलावा वह घाटी के स्थानीय युवाओं को बरगलाकर आतंकवाद की राह पर ले जाने और उन्हें आतंकी संगठन में भर्ती कराने में भी सक्रिय था।
