मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में मॉडल और एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में जांच अब तेज हो गई है। मामले की जांच अपने हाथ में लेने के बाद सीबीआई की टीम मंगलवार को ट्विशा की सास और सेवानिवृत्त जज गिरिबाला सिंह के घर पहुंची और उनसे लंबी पूछताछ की।
दिल्ली से आई सीबीआई टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और शादी के बाद हुए विवाद, ट्विशा और उसके मायके पक्ष के साथ संबंधों समेत पूरे घटनाक्रम को लेकर गिरिबाला सिंह का बयान दर्ज किया। इसके बाद टीम तीन ईएमई सेंटर पहुंची, जहां ट्विशा के परिजनों से भी जानकारी जुटाई गई।
पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंची CBI टीम
सीबीआई की दूसरी टीम भोपाल पुलिस कमिश्नर संजय कुमार के कार्यालय पहुंची और मामले से जुड़ी विस्तृत जानकारी मांगी। साथ ही राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने एसआईटी से केस डायरी भी तलब की।
प्रारंभिक जांच में केस डायरी अधूरी पाए जाने पर सीबीआई ने उसे पूरा कर सौंपने के निर्देश दिए। देर रात एसआईटी ने आवश्यक जानकारियां जोड़कर पूरी केस डायरी सीबीआई को सौंप दी।
पति और सास के खिलाफ दर्ज हुआ केस
सीबीआई ने कटारा हिल्स थाने में पहले दर्ज एफआईआर को री-रजिस्टर करते हुए ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस जांच में 20 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज मांगने की बात सामने आई थी, जिसके आधार पर दहेज मृत्यु का मामला दर्ज किया गया।
CDR और CCTV फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश
मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर भोपाल जिला न्यायालय में सुनवाई हुई। एसआईटी ने अदालत को बताया कि 12 से 20 मई तक की पूरी सीडीआर सुरक्षित रखने के लिए संबंधित कंपनियों को पत्र भेजे जा चुके हैं।
न्यायमूर्ति आकांक्षा कुमार की अदालत में एसआईटी ने कहा कि कंपनियों से जानकारी मिलने के बाद उसे केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा।
जिमनास्टिक बेल्ट पर उठे सवाल
ट्विशा की मौत में जिस जिमनास्टिक बेल्ट से फांसी लगाने का दावा किया जा रहा है, वह दोनों पोस्टमॉर्टम के दौरान मेडिकल टीम को नहीं दिखाई जा सकी। इस पर सवाल उठने के बाद डीसीपी विकास कुमार शहवाल ने कहा कि बेल्ट पुलिस ने जब्त कर ली थी और जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजी गई है।
दिल्ली एम्स की मांग के बाद भोपाल पुलिस ने एफएसएल और साइबर सेल को भी पत्र भेजा है।
पूछताछ में नए खुलासे
एसआईटी ने मुख्य आरोपी समर्थ सिंह से भी करीब ढाई घंटे पूछताछ की। पूछताछ के दौरान समर्थ ने दावा किया कि ट्विशा गर्भपात के बाद तनाव में थी। उसने यह भी कहा कि शादी के दौरान उसके परिवार ने ट्विशा को 7 लाख रुपये दिए थे।
मौत के समय और सूचना में देरी पर जांच
जानकारी के अनुसार ट्विशा ने 12 मई की रात 10:20 बजे कथित रूप से फांसी लगाई थी, जबकि एम्स से 13 मई की सुबह 5 बजे पुलिस को सूचना दी गई।
ट्विशा के परिजनों का आरोप है कि मामले को प्रभावित करने के लिए पुलिस को सूचना देने में देरी की गई और सबूतों से छेड़छाड़ की कोशिश हुई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि क्रिमिनल लॉयर होने के कारण समर्थ सिंह ने घटनास्थल पर हेरफेर किया।
सीबीआई अब इस बात की जांच करेगी कि पुलिस को सूचना देने में देरी क्यों हुई और इस दौरान क्या-क्या घटनाक्रम हुए। मामले को दर्ज करने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ की जाएगी।
