लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कलां इलाके में राजपासी राजा कंस के पुराने किले को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। लाखन आर्मी ने मौलाना जमील अहमद पर अवैध रूप से मदरसा संचालित करने और वहां नमाज शुरू कराने का आरोप लगाते हुए मलिहाबाद थाने में तहरीर दी है। संगठन ने मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
लाखन आर्मी का आरोप है कि बिना मान्यता के सुलेमानिया मदरसा चलाया जा रहा था और नट जाति के करीब 20 बच्चों का ब्रेनवॉश कर धर्मांतरण का प्रयास किया गया। संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि ऐतिहासिक स्थल पर धार्मिक गतिविधियां कर क्षेत्र का सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की गई, जिससे तनाव की स्थिति पैदा हो गई।
संगठन का कहना है कि मौलाना जमील अहमद कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द के लिए गंभीर खतरा हैं। इसी को लेकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की गई है।
बता दें कि बीते मंगलवार को भी यह मामला उस समय चर्चा में आया था, जब कुछ हिंदूवादी नेता पूजा की थाली लेकर किले पर पहुंचे थे। हालांकि मौके पर तैनात पुलिस ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया। इसके बाद नेताओं ने वहीं जमीन पर बैठकर किले की ओर मुख करके आरती की।
अखिल भारत हिंदू महासभा के पदाधिकारियों ने दावा किया कि यह मस्जिद नहीं बल्कि राजा कंसा पासी का ऐतिहासिक किला है। संगठन के राष्ट्रीय प्रवक्ता शिशिर चतुर्वेदी ने सवाल उठाते हुए कहा कि विरोध बढ़ने के बाद मौलाना जमील अहमद उर्फ जॉनी आखिर क्यों फरार हो गए।
विवाद बढ़ने और क्षेत्र में तनाव की आशंका को देखते हुए जिला प्रशासन ने एहतियातन यहां बकरीद की नमाज पर रोक लगा दी है। फिलहाल इलाके में पुलिस बल तैनात है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है।
