राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने शुक्रवार सुबह उत्तर प्रदेश के लखनऊ, सीतापुर और वाराणसी समेत कई शहरों में बड़े पैमाने पर छापेमारी की। यह कार्रवाई पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी से जुड़े भारतीय नेटवर्क की जांच के तहत की जा रही है। एजेंसी उसके स्थानीय सहयोगियों और नेटवर्क की गतिविधियों की पड़ताल कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों को इनपुट मिले थे कि पंजाब, दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में IED ब्लास्ट की बड़ी साजिश रची जा रही थी। इसी के आधार पर NIA की टीमों ने संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर मोबाइल फोन, डिजिटल डिवाइस और अहम दस्तावेजों की जांच शुरू की।
यह मामला पहले पंजाब पुलिस ने दर्ज किया था। अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन और बड़े आतंकी नेटवर्क की आशंका को देखते हुए 21 मार्च 2026 को जांच NIA को सौंप दी गई थी। जांच एजेंसियों का मानना है कि सीमापार बैठे हैंडलर्स के इशारे पर भारत में बड़े हमलों की तैयारी की जा रही थी।
जांच में सामने आया है कि 10 फरवरी को पंजाब पुलिस के स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) को सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी के निर्देश पर उसके भारतीय सहयोगियों ने भारत-पाक सीमा के जरिए ड्रोन से भेजी गई हथियारों, गोला-बारूद और IED की खेप हासिल की थी।
एजेंसियों को आशंका है कि यह नेटवर्क पंजाब, दिल्ली समेत कई राज्यों में समन्वित विस्फोटों की योजना बना रहा था।
अधिकारियों का कहना है कि समय रहते मिली खुफिया जानकारी से एक बड़ी साजिश को नाकाम किया जा सका। बरामद सामग्री का इस्तेमाल भीड़भाड़ वाले इलाकों में दहशत फैलाने के लिए किए जाने की आशंका है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक, सीमा पार से ड्रोन के जरिए हथियार और विस्फोटक भेजने की घटनाएं सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई चुनौती बनती जा रही हैं। NIA अब इस नेटवर्क की फंडिंग, डिजिटल कम्युनिकेशन और स्थानीय मॉड्यूल की गहन जांच कर रही है। सूत्रों के अनुसार, आने वाले दिनों में और छापेमारी तथा गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
