लखनऊ। शुक्रवार देर रात पुणे से दिल्ली जा रही एयर इंडिया एक्सप्रेस की एक उड़ान को राष्ट्रीय राजधानी में खराब मौसम के चलते लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतारना पड़ा। हालांकि यात्रियों को उम्मीद थी कि मौसम सामान्य होने के बाद विमान दिल्ली के लिए रवाना हो जाएगा, लेकिन क्रू सदस्यों की निर्धारित ड्यूटी अवधि समाप्त हो जाने के कारण एयरलाइन को उड़ान रद्द करनी पड़ी। इस फैसले के बाद एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए यात्रियों ने नाराजगी जताते हुए हंगामा किया।
एयरपोर्ट सूत्रों के अनुसार, एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-1231 पुणे से दिल्ली जा रही थी। दिल्ली में मौसम खराब होने और उड़ान संचालन प्रभावित होने के कारण विमान को डायवर्ट कर लखनऊ भेजा गया। यह विमान शुक्रवार रात करीब 9:40 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतरा। विमान में कुल 166 यात्री सवार थे।
लखनऊ पहुंचने के बाद यात्रियों को उम्मीद थी कि मौसम में सुधार होते ही विमान दिल्ली के लिए रवाना कर दिया जाएगा। लेकिन कुछ समय बाद एयरलाइन की ओर से जानकारी दी गई कि विमान के पायलट और अन्य क्रू सदस्यों की ड्यूटी अवधि पूरी हो चुकी है। नागरिक उड्डयन नियमों के तहत निर्धारित ड्यूटी समय से अधिक कार्य नहीं कराया जा सकता, इसलिए उड़ान को रद्द करने का निर्णय लिया गया।
उड़ान रद्द होने की सूचना मिलते ही कई यात्री नाराज हो गए और एयरपोर्ट परिसर में विरोध जताने लगे। कुछ यात्रियों ने अपनी यात्रा में हुई देरी और असुविधा को लेकर एयरलाइन से जवाब मांगा। स्थिति को देखते हुए एयरलाइन और एयरपोर्ट अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर यात्रियों से बातचीत की और उन्हें वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।
अधिकारियों के प्रयासों के बाद स्थिति सामान्य हुई। एयरलाइन ने यात्रियों को दिल्ली भेजने के लिए तत्काल वैकल्पिक उड़ानों की व्यवस्था की। इनमें से 154 यात्रियों को लखनऊ से रात 1:14 बजे रवाना हुई एयर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट आईएक्स-2073 से दिल्ली भेजा गया।
वहीं शेष 12 यात्रियों को शनिवार सुबह 7:55 बजे दिल्ली जाने वाली फ्लाइट आईएक्स-1767 में सीट उपलब्ध कराकर रवाना किया गया। एयरलाइन की ओर से यात्रियों को आवश्यक सहायता और यात्रा संबंधी जानकारी भी उपलब्ध कराई गई।
एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार, खराब मौसम के कारण कई बार विमानों को वैकल्पिक हवाई अड्डों पर उतारना पड़ता है। ऐसे मामलों में यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होती है और सभी निर्णय विमानन सुरक्षा नियमों के अनुरूप लिए जाते हैं।
