आपातकाल की 51वीं बरसी पर ‘संविधान हत्या दिवस’ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 को लगाया गया आपातकाल भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय था, जिसे कांग्रेस ने केवल अपनी सत्ता बचाने के लिए देश पर थोपा था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उस दौर में राजनीतिक दलों, सामाजिक और सांस्कृतिक संगठनों के कार्यकर्ताओं तथा युवाओं की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि तत्कालीन सरकार ने लोकतांत्रिक मूल्यों को कुचलते हुए संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ किया।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज संविधान की बात करने वाले लोगों को यह भी याद रखना चाहिए कि उनके पूर्ववर्तियों ने सत्ता के लिए लोकतंत्र और संविधान दोनों को कमजोर करने का काम किया था। उन्होंने कहा कि आपातकाल के दौरान देशवासियों के मौलिक अधिकारों को सीमित कर दिया गया था और विरोध की हर आवाज को दबाने की कोशिश की गई थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में देश को बार-बार आपातकाल के उस दौर की याद दिलाई जा रही है, ताकि नई पीढ़ी लोकतंत्र पर आए उस संकट को समझ सके। उन्होंने कहा कि जिन्होंने अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए लोकतंत्र का दुरुपयोग किया और संविधान में बार-बार संशोधन किए, उनकी वास्तविकता देश के सामने आनी चाहिए।
उन्होंने लोकतंत्र की परिभाषा बताते हुए कहा कि लोकतंत्र का अर्थ जनता का शासन, जनता के द्वारा और जनता के लिए होता है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही लोकतांत्रिक व्यवस्था की सफलता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं के कारण करोड़ों लोग गरीबी रेखा से बाहर निकलकर नए मध्यम वर्ग का हिस्सा बने हैं और देश के विकास में योगदान दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने समाजवादी पार्टी और राष्ट्रीय जनता दल जैसे दलों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक दल आज भी उसी मानसिकता के साथ काम कर रहे हैं, जिसने आपातकाल के दौरान लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिशें आज भी विभिन्न रूपों में जारी हैं।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने लोकतंत्र सेनानियों के सम्मान का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में वर्तमान समय में 3,780 लोकतंत्र सेनानी और 1,461 आश्रित सरकार की योजनाओं से लाभान्वित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार वर्ष 2018 से लोकतंत्र सेनानियों को प्रतिमाह 20 हजार रुपये की सम्मान राशि उपलब्ध करा रही है। साथ ही, उनके निधन के बाद पात्र आश्रितों को भी इस व्यवस्था से जोड़ा गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले सेनानियों का योगदान देश कभी नहीं भूल सकता और उनकी स्मृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समय की आवश्यकता है।
