लखनऊ पुलिस कमिश्नरेट की साइबर सेल और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का खुलासा करते हुए गोमतीनगर स्थित समिट बिल्डिंग में संचालित एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 119 लोगों को हिरासत में लिया गया, जबकि मौके से बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज बरामद किए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक, यह कॉल सेंटर मुख्य रूप से रात के समय संचालित होता था। यहां से विदेशों में रहने वाले लोगों को कथित तौर पर विभिन्न तकनीकी माध्यमों और ऐप्स के जरिए साइबर ठगी का निशाना बनाया जाता था। छापेमारी में 100 लैपटॉप, 178 कॉलिंग मोबाइल फोन समेत कई डिजिटल उपकरण और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कॉल सेंटर “सोलारिस सॉल्यूशन” के नाम से संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने अहमदाबाद निवासी ललित खैराजानी और विक्रम सिंह परमार को हिरासत में लिया है। दोनों इस नेटवर्क में ऑपरेशन मैनेजर के रूप में कार्यरत बताए जा रहे हैं और उनसे पूछताछ जारी है।
यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर के निर्देशन में संयुक्त पुलिस आयुक्त (अपराध एवं मुख्यालय) अपर्णा कुमार, पुलिस उपायुक्त (अपराध) अनिल कुमार यादव और अपर पुलिस उपायुक्त (अपराध) किरण यादव के नेतृत्व में की गई। पुलिस को यह कार्रवाई मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर मिली।
पुलिस ने बरामद डिजिटल उपकरणों और दस्तावेजों की तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, वित्तीय लाभार्थियों और साइबर ठगी के पूरे तंत्र की पड़ताल कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले सभी दोषियों के खिलाफ विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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