उत्तर प्रदेश में वर्ष 2017 के बाद केंद्र और राज्य सरकार के समन्वय से केंद्रीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है। सरकार का दावा है कि पहले जिन योजनाओं की रफ्तार धीमी थी, उन्हें योगी आदित्यनाथ सरकार ने मिशन मोड में लागू किया, जिससे लाखों लोगों को सीधा लाभ मिला।
प्रधानमंत्री आवास योजना से 62 लाख परिवारों को मिला पक्का घर
सरकार के अनुसार, 2014 से 2017 के बीच प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रगति सीमित रही। वहीं, 2017 के बाद पिछले नौ वर्षों में प्रदेश में 62 लाख से अधिक गरीब परिवारों को पक्का आवास उपलब्ध कराया गया। सरकार का कहना है कि केंद्र और राज्य के बेहतर समन्वय से योजना को गति मिली।
पीएम फसल बीमा योजना के तहत किसानों को 6,283 करोड़ रुपये का भुगतान
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के 79 लाख से अधिक किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से हुए नुकसान के लिए 6,283 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा दिया गया। सरकार का दावा है कि पहले इस योजना का लाभ सीमित संख्या में किसानों तक ही पहुंच पा रहा था।
स्वच्छ भारत मिशन: यूपी बना 100 प्रतिशत ओडीएफ राज्य
सरकार के मुताबिक, मार्च 2017 तक उत्तर प्रदेश का कोई भी जिला पूरी तरह खुले में शौच से मुक्त (ओडीएफ) घोषित नहीं था। वहीं, 2017 के बाद स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) के तहत प्रदेश में 3.31 करोड़ से अधिक शौचालयों का निर्माण कराया गया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश को 100 प्रतिशत ओडीएफ राज्य घोषित किया गया और 94 हजार से अधिक गांवों को ओडीएफ प्लस का दर्जा मिला।
उज्ज्वला योजना से 1.86 करोड़ महिलाओं को मिला मुफ्त गैस कनेक्शन
सरकार के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में प्रदेश की लगभग 1.86 करोड़ महिलाओं को प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत मुफ्त एलपीजी कनेक्शन उपलब्ध कराए गए। इसके अलावा राज्य सरकार होली और दीपावली पर लाभार्थी परिवारों को दो मुफ्त गैस सिलेंडर रिफिल भी उपलब्ध करा रही है।
सरकार का दावा
राज्य सरकार का कहना है कि वर्ष 2017 के बाद “डबल इंजन सरकार” के मॉडल के तहत केंद्र और राज्य की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन हुआ है, जिससे आवास, स्वच्छता, कृषि और रसोई गैस जैसी योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में लोगों तक पहुंचा। वहीं, विपक्ष पूर्व में इन दावों पर सवाल उठाता रहा है।
