लखनऊ। आय से अधिक संपत्ति के मामले में रिटायर्ड एआरटीओ ललित कुमार के खिलाफ विजिलेंस की कार्रवाई में अब तक करीब 35 करोड़ रुपये की संपत्ति का खुलासा हुआ है। लखनऊ के अलीगंज स्थित उनके आवास पर 7 और 8 जुलाई को चली दो दिवसीय तलाशी के दौरान भारी मात्रा में सोना-चांदी, हीरे जड़े आभूषण, नकदी और कई अचल संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज बरामद किए गए।
जानकारी के अनुसार, इस कार्रवाई की शुरुआत करीब छह वर्ष पहले कानपुर में ललित कुमार की तैनाती के दौरान आय से अधिक संपत्ति की शिकायत मिलने के बाद हुई थी। विस्तृत जांच पूरी होने के बाद वर्ष 2024 में कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान लागू आचार संहिता के कारण अभियोजन की मंजूरी में देरी हो गई। चुनाव संपन्न होने के बाद अनुमति मिलने पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई और अदालत से सर्च वारंट प्राप्त कर छापेमारी की गई।
दीवारों में बनी गुप्त तिजोरियों से बरामद हुआ कीमती सामान
तलाशी के दौरान विजिलेंस टीम को मुख्य लॉकरों के अलावा घर की दीवारों में बनी कई इनबिल्ट गुप्त तिजोरियां भी मिलीं। इनमें नकदी, सोने के आभूषण और महत्वपूर्ण दस्तावेज छिपाकर रखे गए थे। अधिकारियों ने सभी तिजोरियों को खोलकर बरामद सामान का सत्यापन किया और पूरी सूची तैयार की।
ऑटोमैटिक लॉक वाली तिजोरी खोलने में लगी दो घंटे की मशक्कत
जांच के दौरान ऑटोमैटिक लॉक वाली एक तिजोरी खोलना टीम के लिए बड़ी चुनौती साबित हुआ। अधिकारियों के कई बार पूछने पर भी ललित कुमार पासवर्ड याद न होने की बात कहते रहे। तकनीकी विशेषज्ञों की मदद से करीब दो घंटे बाद तिजोरी खोली गई। इसके भीतर से सोने-चांदी के बिस्किट, सोने की ईंटें और हीरे जड़े आभूषण बरामद हुए। सरकारी वैल्यूअर ने इनकी कीमत करीब 20 करोड़ रुपये आंकी है।
बेड, फर्नीचर और फॉल्स पैनल में भी मिले ‘सीक्रेट स्पॉट’
विजिलेंस ने घर के हर हिस्से की गहन तलाशी ली। बेड, फर्नीचर, फॉल्स पैनल, दीवारों और स्टोर रूम में बनाए गए गुप्त स्थानों से 1.62 करोड़ रुपये नकद, बैंक निवेश, म्यूचुअल फंड, फिक्स्ड डिपॉजिट और अन्य वित्तीय दस्तावेज बरामद किए गए।
आय से 73.6 प्रतिशत अधिक खर्च का आरोप
प्रारंभिक जांच में विजिलेंस ने पाया कि ललित कुमार की वैध आय 93.26 लाख रुपये थी, जबकि चल-अचल संपत्तियों और अन्य मदों पर उनका खर्च 1.61 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। यानी उन्होंने अपनी घोषित आय से 68.66 लाख रुपये अधिक खर्च किया, जो उनकी वैध आय का लगभग 73.6 प्रतिशत है। अतिरिक्त संपत्ति का संतोषजनक स्रोत नहीं बताए जाने पर उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
चार जिलों में 15 संपत्तियों के दस्तावेज मिले
छापेमारी के दौरान लखनऊ, नोएडा, बाराबंकी और रायबरेली में स्थित 15 अचल संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले। इनमें मकान, प्लॉट, कृषि भूमि और फ्लैट बुकिंग शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 13 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा दो कार, एक रिवॉल्वर और अन्य कीमती सामान की भी जांच की जा रही है।
विजिलेंस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी संपत्ति किन स्रोतों से अर्जित की गई और क्या इसमें किसी अन्य व्यक्ति या संगठित नेटवर्क की भी भूमिका रही है।
