नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव को चेक बाउंस मामले में दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उनकी सजा को बरकरार रखते हुए संबंधित अधिकारियों को उन्हें जेल भेजने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने सुनवाई के दौरान अभिनेता के रवैये पर भी सवाल उठाते हुए उसे “संदिग्ध” बताया।
यह मामला वर्ष 2010 का है, जब राजपाल यादव ने अपनी निर्देशित फिल्म ‘अता पता लापता’ के निर्माण के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था। फिल्म के असफल रहने के बाद वह तय समय पर राशि नहीं चुका सके, जिसके बाद मामला अदालत पहुंचा।
2018 में हुई थी सजा
अप्रैल 2018 में मजिस्ट्रेट कोर्ट ने राजपाल यादव और उनकी पत्नी राधा यादव को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराते हुए जेल की सजा सुनाई थी। इसके बाद 2019 में सेशन कोर्ट ने भी इस फैसले को बरकरार रखा, जिसके खिलाफ अभिनेता ने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील दायर की।
वादे पूरे नहीं करने पर अदालत सख्त
जून 2024 में हाईकोर्ट ने सजा पर अंतरिम रोक लगाते हुए बकाया राशि चुकाने का अवसर दिया था। हालांकि अदालत के अनुसार, राजपाल यादव बार-बार किए गए आश्वासनों को पूरा करने में विफल रहे। इसी आधार पर अदालत ने पहले आत्मसमर्पण के निर्देश दिए थे और अब सजा को भी बरकरार रखा है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी कहा कि अभिनेता की ओर से दिए गए बयानों और पहले दी गई अंडरटेकिंग में विरोधाभास पाया गया, जिससे अदालत ने असंतोष व्यक्त किया।
