मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से जुड़े मामले की निष्पक्ष जांच एसआईटी कर रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग इस घटना की आड़ में देश की आस्था और हिंदू धार्मिक स्थलों को निशाना बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता को ऐसी ताकतों से सतर्क रहने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री सोमवार को लखनऊ में आयोजित रिपब्लिक भारत के विशेष कॉन्क्लेव ‘ऊंचाइयों पर यूपी’ को संबोधित कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों, कानून-व्यवस्था और आर्थिक प्रगति का विस्तृत उल्लेख किया।
‘दंगा और कर्फ्यू से निवेश तक का सफर’
सीएम योगी ने कहा कि वर्ष 2017 से पहले उत्तर प्रदेश दंगों, कर्फ्यू और असुरक्षा के लिए जाना जाता था। बेटियों, व्यापारियों और किसानों में भय का माहौल था, जबकि आज प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन चुका है। उन्होंने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था के कारण राज्य को 50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 15 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाएं धरातल पर उतर चुकी हैं।
एमएसएमई और ओडीओपी से रोजगार को बढ़ावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘एक जिला-एक उत्पाद’ (ओडीओपी) योजना के जरिए पारंपरिक उद्योगों को नई पहचान मिली है। प्रदेश में 96 लाख एमएसएमई इकाइयां संचालित हो रही हैं, जिनसे सवा तीन करोड़ युवाओं को रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश अब 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के ओडीओपी उत्पादों का निर्यात कर रहा है।
‘बीमारू नहीं, मानसिकता थी बीमार’
सीएम योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश कभी बीमारू राज्य नहीं था, बल्कि पिछली सरकारों की कार्यशैली और सोच ने प्रदेश को पिछड़ेपन की ओर धकेला। उन्होंने कहा कि वर्ष 2017 के बाद सरकार ने वित्तीय अनुशासन और विकास आधारित नीतियों के जरिए प्रदेश की तस्वीर बदली।
तीन गुना हुई प्रदेश की अर्थव्यवस्था
मुख्यमंत्री के अनुसार, उत्तर प्रदेश का बजट 3 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। वहीं, प्रदेश की जीएसडीपी 12 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 36 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और बेरोजगारी दर में कमी दर्ज की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर और कृषि पर जोर
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे, एयरपोर्ट, मेट्रो और रेलवे नेटवर्क के विस्तार में अग्रणी राज्य बन चुका है। गन्ना, चीनी और एथेनॉल उत्पादन में भी प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। सरकार ने किसानों के खातों में 3.23 लाख करोड़ रुपये से अधिक का गन्ना मूल्य भुगतान किया है तथा लाखों हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा से जोड़ा गया है।
रोजगार और कल्याणकारी योजनाएं
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले नौ वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं। साथ ही गरीबों, महिलाओं और किसानों के लिए चलाई जा रही विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं का लाभ करोड़ों लोगों तक पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास और सुशासन के जरिए उत्तर प्रदेश को देश की अग्रणी अर्थव्यवस्था बनाना है।
