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NEET विवाद पर सरकार और CJP के बीच बातचीत, जेपी नड्डा बोले- तीन मांगें और पांच सुझाव रखे गए

NEET परीक्षा में कथित धांधली और परीक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं को लेकर जारी विरोध के बीच सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधिमंडल के बीच बातचीत का दौर शुरू हो गया है। शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने CJP प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। विट्ठल पटेल हाउस में हुई यह बैठक करीब दो घंटे चली।

बैठक में कथित पेपर लीक, परीक्षा प्रक्रिया में सुधार, छात्रों की समस्याओं और प्रदर्शनकारियों की मांगों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक के बाद जेपी नड्डा ने बताया कि CJP प्रतिनिधिमंडल ने सरकार के सामने तीन प्रमुख मांगें रखीं और परीक्षा व्यवस्था में सुधार को लेकर पांच अहम सुझाव दिए। उन्होंने कहा कि सरकार ने सभी मुद्दों को गंभीरता से सुना है और अब इन पर आपस में चर्चा की जाएगी।

शनिवार को फिर होगी बैठक

जेपी नड्डा के मुताबिक, सरकार और CJP के बीच बातचीत अभी पूरी नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच शनिवार दोपहर फिर बैठक होगी। इसमें सरकार प्रतिनिधिमंडल की मांगों और परीक्षा सुधार से जुड़े सुझावों पर अपना जवाब दे सकती है। ऐसे में शनिवार की बैठक को आंदोलन के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

इससे पहले CJP ने सरकार के साथ बातचीत के लिए दो प्रमुख शर्तें रखी थीं। संगठन की मांग थी कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और आंदोलनकारियों के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई न की जाए। इसके अलावा NEET पेपर लीक और कथित परीक्षा अनियमितताओं से प्रभावित छात्रों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग भी रखी गई थी।

हालांकि, CJP केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अब भी कायम है। संगठन का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में कथित गड़बड़ियों और पेपर लीक के लिए सरकार की जवाबदेही तय होनी चाहिए। बैठक में CJP की ओर से मुख्य प्रवक्ता सौरव दास और राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका शामिल हुए।

26 दिन बाद सोनम वांगचुक ने खत्म किया अनशन

इस बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 26 दिन लंबी भूख हड़ताल खत्म कर दी है। वह परीक्षा सुधार, छात्रों की सुरक्षा और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ संभावित कानूनी कार्रवाई के विरोध में अनशन पर बैठे थे।

केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की और उन्हें सरकार की ओर से लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद वांगचुक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अनशन खत्म करने की जानकारी दी।

सोनम वांगचुक ने कहा कि उन्होंने केवल मौखिक आश्वासन के आधार पर अनशन खत्म नहीं किया, बल्कि सरकार की ओर से लिखित दस्तावेज मिलने के बाद यह फैसला लिया। उन्होंने कहा कि उनकी सबसे बड़ी चिंता शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ FIR या किसी तरह की कानूनी कार्रवाई को लेकर थी।

अब शनिवार को सरकार और CJP के बीच होने वाली अगली बैठक पर सभी की नजरें हैं। सरकार की ओर से मांगों और परीक्षा सुधार के सुझावों पर क्या रुख अपनाया जाता है, इससे आंदोलन की आगे की दिशा तय होने की उम्मीद है। हालांकि, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग को लेकर गतिरोध अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

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