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सीएम योगी ने दी 342 करोड़ की 53 परियोजनाओं की सौगात, सपा पर साधा निशाना

रिपोर्ट: ममता भारद्वाज

आगरा की धरती से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विकास और राजनीति—दोनों का संदेश दिया। एक ओर 342.46 करोड़ रुपये की 53 विकास परियोजनाओं की सौगात दी, तो दूसरी ओर समाजवादी पार्टी पर तीखे राजनीतिक हमले भी किए। धार्मिक पर्यटन, कानून व्यवस्था और विकास को सरकार की उपलब्धि बताते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष के परिवारवाद को भी निशाने पर लिया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को हेलीकॉप्टर से आगरा के टाटा ग्राउंड पहुंचे। मुख्यमंत्री के पहुंचते ही पूरा परिसर “योगी-योगी” और “योगी जिंदाबाद” के नारों से गूंज उठा। भाजपा कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया।अपने दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने 342.46 करोड़ रुपये की लागत वाली 53 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

इन परियोजनाओं में सड़क, पेयजल, सीवर, शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे से जुड़ी कई योजनाएं शामिल हैं।अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आगरा भारत की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का महत्वपूर्ण केंद्र है।

उन्होंने कहा कि सरकार धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है, जिससे स्थानीय रोजगार और व्यापार दोनों को नई गति मिलेगी।मुख्यमंत्री ने कानून व्यवस्था को लेकर भी अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले आगरा के हालात अलग थे, लेकिन आज व्यापारियों को सुरक्षा का माहौल मिला है, निवेश बढ़ा है और विकास की रफ्तार तेज हुई है। उनके मुताबिक बेहतर कानून व्यवस्था ही प्रदेश के आर्थिक विकास की सबसे बड़ी ताकत बनी है।

हालांकि मुख्यमंत्री का भाषण केवल विकास तक सीमित नहीं रहा। उन्होंने समाजवादी पार्टी पर भी जमकर निशाना साधा। बिना किसी नेता का नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ दल केवल परिवारवाद और तुष्टिकरण की राजनीति करते हैं, जबकि उनकी सरकार विकास, सुशासन और जनकल्याण को प्राथमिकता देती है।

मुख्यमंत्री ने जनता से विकास के इस अभियान को आगे बढ़ाने का भी आह्वान किया।मुख्यमंत्री के इस दौरे को आगामी राजनीतिक समीकरणों और प्रदेश की विकास योजनाओं—दोनों के लिहाज से अहम माना जा रहा है। एक तरफ विकास परियोजनाओं की सौगात दी गई, तो दूसरी ओर विपक्ष पर तीखे राजनीतिक प्रहार कर भाजपा ने अपने चुनावी संदेश को भी मजबूती देने की कोशिश की।

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