केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के कई शहरों में छात्र संगठनों और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं ने जश्न मनाया। लखनऊ, कानपुर, प्रयागराज, फतेहपुर और मेरठ समेत कई जिलों में मिठाइयां बांटी गईं और विजय जुलूस निकाले गए। कार्यकर्ताओं ने इसे युवाओं के संघर्ष की जीत बताया।
लखनऊ के आलमबाग स्थित ईको गार्डन में नीट पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) का धरना चल रहा था। इसी दौरान इस्तीफे की सूचना मिलते ही प्रदर्शनकारियों में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर ने कहा कि यह युवाओं के संघर्ष की जीत और सरकार के झुकने का प्रमाण है। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता और शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की मांग की। साथ ही संसद में इस मुद्दे पर चर्चा कराने की बात कही।
प्रदर्शनकारियों ने जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच, दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई, घायलों को मुआवजा और आंदोलनकारियों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने की मांग भी दोहराई।
वहीं, प्रयागराज में सुबह से ही बड़ी संख्या में छात्र सड़कों पर उतर आए। सिविल लाइंस क्षेत्र में करीब पांच घंटे तक प्रदर्शन चला, जिससे कई मार्गों पर यातायात प्रभावित रहा। इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद प्रदर्शनकारियों ने खुशी जताई।
कांग्रेस सांसद उज्ज्वल रमण सिंह ने इसे युवाओं के संघर्ष की जीत बताया। कानपुर और फतेहपुर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय जुलूस निकाला, जबकि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गांधी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर खुशी जाहिर की।
