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नौकरी ढूंढ़ने नहीं, नौकरी देने की सोच पैदा कर रहा ‘यूथ अड्डा’, Gen Z को आत्मनिर्भर बनाने में जुटी योगी सरकार

लखनऊ, 28 जुलाई। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार प्रदेश के युवाओं को केवल नौकरी तलाशने वाला नहीं, बल्कि रोजगार देने वाला बनाने की दिशा में काम कर रही है। इसी उद्देश्य के तहत मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की पहल पर ‘सीएम युवा’ और ‘यूथ अड्डा’ जैसी अभिनव अवधारणाओं को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य युवाओं के लिए ऐसा उद्यमिता इकोसिस्टम तैयार करना है, जहां उन्हें बिजनेस आइडिया से लेकर प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, मेंटरशिप और बाजार तक पहुंच की सुविधाएं एक ही मंच पर मिल सकें।

आज की Gen Z पारंपरिक नौकरी की तलाश तक सीमित नहीं रहना चाहती। तकनीक और इंटरनेट के दौर में पली-बढ़ी यह नई पीढ़ी स्टार्टअप, डिजिटल बिजनेस, नवाचार और आत्मनिर्भरता को भी करियर के विकल्प के तौर पर देख रही है। ऐसे में युवाओं की बदलती आकांक्षाओं को ध्यान में रखते हुए सरकार ने ‘यूथ अड्डा’ को उद्यमिता के एक सशक्त मंच के रूप में विकसित करने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

Gen Z की जरूरतों के अनुरूप तैयार किया गया ‘यूथ अड्डा’

‘यूथ अड्डा’ का उद्देश्य केवल युवाओं को ऋण या अनुदान उपलब्ध कराना नहीं है। यहां युवाओं को बिजनेस आइडिया विकसित करने, बिजनेस मॉडल तैयार करने, अनुभवी मेंटर्स से जुड़ने, बैंकिंग प्रक्रियाओं को समझने और बाजार तक पहुंच बनाने में मदद देने की परिकल्पना की गई है।

इसके अलावा तकनीकी प्रशिक्षण, डिजिटल मार्केटिंग, फ्रेंचाइजी मॉडल और सरकारी योजनाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। इस तरह ‘यूथ अड्डा’ को पारंपरिक प्रशिक्षण केंद्र के बजाय एक व्यापक उद्यमिता इकोसिस्टम के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां युवा केवल किसी योजना के लाभार्थी नहीं, बल्कि नए अवसरों के निर्माता बन सकें।

कॉलेज से ही स्टार्टअप और उद्यमिता पर जोर

सरकार का मानना है कि उद्यमिता की शुरुआत नौकरी मिलने के बाद नहीं, बल्कि कॉलेज और तकनीकी संस्थानों में पढ़ाई के दौरान ही होनी चाहिए। इसी सोच के साथ विश्वविद्यालयों, महाविद्यालयों, पॉलीटेक्निक और आईटीआई के विद्यार्थियों को उद्यमिता के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

युवाओं को यह सोचने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है कि वे किसी समस्या का समाधान किस तरह खोज सकते हैं और उस समाधान को एक सफल व्यवसाय में कैसे बदला जा सकता है। भविष्य की अर्थव्यवस्था को तकनीक आधारित मानते हुए ‘यूथ अड्डा’ के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ड्रोन टेक्नोलॉजी, इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV), डिजिटल कॉमर्स, ई-कॉमर्स और अन्य आधुनिक डिजिटल टूल्स से जुड़े प्रशिक्षण पर भी जोर दिया जा रहा है।

बिजनेस शुरू करने से लेकर विस्तार तक मिलेगा मार्गदर्शन

‘यूथ अड्डा’ के तहत युवाओं को केवल प्रशिक्षण देने तक ही सीमित नहीं रखा गया है। बिजनेस आइडिया तैयार करने, परियोजना रिपोर्ट बनाने, बैंक लोन लेने, उद्यम पंजीकरण, जीएसटी, डिजिटल ब्रांडिंग और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल तक उन्हें मार्गदर्शन देने की व्यवस्था की जा रही है।

युवाओं को गूगल बिजनेस प्रोफाइल, वॉट्सऐप बिजनेस और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल की जानकारी भी दी जा रही है। इसके साथ ही 100 से अधिक तैयार फ्रेंचाइजी मॉडल उपलब्ध कराने की योजना है, जिससे पहली बार व्यवसाय शुरू करने वाले युवाओं के लिए जोखिम कम हो सके।

ग्रामीण युवाओं और महिला समूहों पर भी फोकस

‘यूथ अड्डा’ की पहुंच केवल बड़े शहरों तक सीमित रखने के बजाय प्रदेश के छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों तक ले जाने की योजना है। सरकार का लक्ष्य इसे प्रदेश के सभी 75 जिलों में उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है।

महिला स्वयं सहायता समूहों को पैकेजिंग, ब्रांडिंग और मार्केटिंग से जुड़ी सहायता उपलब्ध कराने के साथ स्थानीय उत्पादों को बाजार में पहचान दिलाने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ने के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलने की उम्मीद है।

पूरे साल चलेगा उद्यमिता से जुड़ा अभियान

‘यूथ अड्डा’ को सिर्फ एक केंद्र के तौर पर नहीं, बल्कि पूरे वर्ष सक्रिय रहने वाले उद्यमिता मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसके तहत बैंकर्स मीट, टेक फेस्ट, स्टार्टअप क्लिनिक, बिजनेस आइडिएशन वर्कशॉप, फाउंडर्स टॉक, नारी शक्ति श्रृंखला और कॉलेज आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक पांच लाख युवाओं को इस पहल से जोड़ना, 1,000 करोड़ रुपये से अधिक का ऋण उपलब्ध कराना, 10,000 से ज्यादा नए उद्यम और फ्रेंचाइजी स्थापित करना तथा 25,000 से अधिक एमएसएमई को मजबूत करना है।

सरकार का मानना है कि युवा यदि नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार के अवसर पैदा करने वाले उद्यमी बनते हैं, तो इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती मिलेगी। साथ ही उत्तर प्रदेश को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में भी गति मिलेगी।

यूपीकॉन निभा रहा अहम भूमिका

इस पहल के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीकॉन) की महत्वपूर्ण भूमिका है। यूपीकॉन के एमडी प्रवीण सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) के तहत संचालित ‘यूथ अड्डा’ को प्रदेश में उद्यमिता के मजबूत मंच के रूप में विकसित किया जा रहा है।

यूपीकॉन की ओर से युवाओं को प्रशिक्षण, मेंटरशिप, परियोजना परामर्श, बैंकिंग सहायता, डिजिटल सशक्तीकरण और उद्योग जगत से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने पर काम किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न विभागों, वित्तीय संस्थानों और उद्योग विशेषज्ञों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है।

इस पहल का उद्देश्य युवाओं को केवल सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना नहीं, बल्कि उन्हें सफल उद्यमी बनाना है, ताकि वे खुद आत्मनिर्भर बनने के साथ दूसरों के लिए भी रोजगार के अवसर पैदा कर सकें। सरकार को उम्मीद है कि ‘यूथ अड्डा’ के जरिए प्रदेश में उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा मिलेगा और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश के विजन को मजबूती मिलेगी।

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