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कांवड़ यात्रा 2026: यूपी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम, बुलंदशहर से रायबरेली तक प्रशासन अलर्ट

सावन माह की पवित्र कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू हो रही है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार ने आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रदेश के विभिन्न जिलों में पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा, यातायात, स्वच्छता तथा श्रद्धालुओं की सुविधाओं को लेकर व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। अधिकारियों ने प्रमुख शिवालयों, कांवड़ मार्गों और गंगा घाटों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

बुलंदशहर में गंगा घाटों का निरीक्षण

मेरठ मंडल के आयुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और डीआईजी कला निधि नैथानी ने बुलंदशहर के अनूपशहर स्थित गंगा घाटों का निरीक्षण किया। उनके साथ जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, सड़क और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समीक्षा की।

उन्होंने कांवड़ मार्गों पर नियमित सफाई, मोबाइल शौचालय, पार्किंग, स्वास्थ्य शिविर और शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इसके अलावा स्याना से आहार स्थित ऐतिहासिक अंबकेश्वर मंदिर तक के मार्ग का निरीक्षण कर श्रद्धालुओं के लिए अलग प्रवेश और निकास मार्ग बनाने के निर्देश दिए गए। जिले में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 17 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं।

महराजगंज में नेपाल सीमा तक बढ़ी चौकसी

महराजगंज में पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में प्रमुख शिव मंदिरों, कांवड़ मार्गों, मेला क्षेत्रों और नेपाल सीमा से जुड़े संवेदनशील इलाकों में विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है।

पंचमुखी इटहिया शिव मंदिर और प्राचीन कटहरा शिव मंदिर पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। श्रावण के प्रत्येक सोमवार और शिवरात्रि पर भीड़ को देखते हुए बैरिकेडिंग, अलग प्रवेश-निकास मार्ग, सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से निगरानी, यूपी-112 की अतिरिक्त पेट्रोलिंग तथा महिला पुलिसकर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी।

इसके अलावा संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की जांच के साथ सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल और पीएसी की तैनाती की गई है।

फर्रुखाबाद में घाटों और मंदिरों का निरीक्षण

फर्रुखाबाद में जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर और पुलिस अधीक्षक आरती सिंह ने पांचाल घाट तथा दुर्वासा ऋषि आश्रम क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। अधिकारियों ने पार्किंग, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था, पेयजल, साफ-सफाई, चिकित्सा सहायता और यातायात प्रबंधन की तैयारियों की समीक्षा की।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। घाटों पर पर्याप्त सफाईकर्मी तैनात किए जाएं, कूड़ेदान लगाए जाएं और झाड़ियों की सफाई समय रहते पूरी कर ली जाए।

रायबरेली में भगदड़ से निपटने की मॉक ड्रिल

रायबरेली में सावन कांवड़ मेले के दौरान संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए डलमऊ पुलिस ने मॉक ड्रिल का आयोजन किया। अपर पुलिस अधीक्षक आलोक सिंह ने बताया कि भीड़ नियंत्रण, श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने और अस्पताल पहुंचाने की प्रक्रिया का अभ्यास कराया गया।

वहीं, जिलाधिकारी सरनीत कौर ब्रोका और पुलिस अधीक्षक रवि कुमार ने आस्तीक मंदिर और भरवेश्वर मंदिर का संयुक्त निरीक्षण कर सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, प्रकाश व्यवस्था, पार्किंग, बैरिकेडिंग और स्वास्थ्य सेवाओं की तैयारियों की समीक्षा की।

श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता

प्रदेशभर में प्रशासन का कहना है कि कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं।

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