11 दिनों तक चले ग्लासगो राष्ट्रमंडल खेल 2026 का रविवार को रंगारंग समापन समारोह के साथ समापन हो गया। समापन समारोह में राष्ट्रमंडल खेलों का ध्वज और बेटन भारत को सौंपा गया। अब वर्ष 2030 में राष्ट्रमंडल खेलों का शताब्दी संस्करण गुजरात के अहमदाबाद में आयोजित होगा।
समारोह के दौरान स्कॉटलैंड के अधिकारियों ने ध्वज और बेटन ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता नीरज चोपड़ा, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) की अध्यक्ष पीटी उषा और गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी को सौंपा। भारत इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों की सफल मेजबानी कर चुका है और अब ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरी बार मेजबानी करने वाला दूसरा देश बनेगा।
39 पदकों के साथ चौथे स्थान पर भारत
भारत ने इस बार शूटिंग, कुश्ती, बैडमिंटन, हॉकी और टेबल टेनिस जैसे पारंपरिक पदक दिलाने वाले खेल शामिल न होने के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। भारतीय दल ने 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया।
मेजबान स्कॉटलैंड ने भी 39 पदक जीते, लेकिन भारत के अधिक रजत पदकों (17) के कारण भारतीय टीम उससे ऊपर रही।
मेडल टैली में टॉप-5 देश
ऑस्ट्रेलिया – 171 पदक (70 स्वर्ण)
इंग्लैंड – 110 पदक (29 स्वर्ण)
कनाडा – 62 पदक (19 स्वर्ण)
🇮🇳 भारत – 39 पदक (13 स्वर्ण, 17 रजत, 9 कांस्य)
स्कॉटलैंड – 39 पदक (13 स्वर्ण, 9 रजत, 17 कांस्य)
बॉक्सिंग ने दिलाए सबसे ज्यादा पदक
भारत के लिए मुक्केबाजी सबसे सफल खेल रहा, जहां खिलाड़ियों ने 10 पदक (7 स्वर्ण, 3 रजत) जीते। इसके अलावा भारोत्तोलन में 8, पैरा एथलेटिक्स में 6, एथलेटिक्स में 10, जूडो में 4 और पैरा पावरलिफ्टिंग में 1 पदक मिला। मीराबाई चानू, प्रीति पवार, जैस्मिन लंबोरिया, सचिन सिवाच और अंकुश पंघाल सहित कई खिलाड़ियों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश का गौरव बढ़ाया।
ग्लासगो में सफल अभियान के बाद अब भारतीय खेल जगत की निगाहें 2030 अहमदाबाद राष्ट्रमंडल खेलों पर टिक गई हैं, जहां भारत शताब्दी संस्करण की मेजबानी करेगा।
