रिपोर्ट – गोविद काश्यप
लखनऊ, 9 अगस्त। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत अपने ही लोगों की आपसी फूट और षड्यंत्रों के कारण गुलाम हुआ था। आज भी क्षेत्र, जाति और भाषा के नाम पर देश को कमजोर करने वाली ताकतें सक्रिय हैं।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म षड्यंत्र का माध्यम बन गए हैं और देशविरोधी ताकतें इनका दुरुपयोग कर भारत के खिलाफ अफवाहें फैला रही हैं।
मुख्यमंत्री रविवार को काकोरी ट्रेन एक्शन के 101वें वर्ष के उपलक्ष्य में काकोरी शहीद स्मारक पर आयोजित शताब्दी समारोह को संबोधित कर रहे थे।
क्रांतिकारियों ने अंग्रेजों को दी थी चुनौती
मुख्यमंत्री योगी ने राष्ट्रनायकों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन ने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी थी। भारत माता के वीर सपूतों ने अंग्रेजों को चुनौती दी थी कि भारत की धरती गुलामी को बर्दाश्त नहीं करेगी।
उन्होंने कहा कि 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर से लेकर 1942 के ‘अंग्रेजों भारत छोड़ो’ आंदोलन तक स्वतंत्रता के लिए संघर्ष की लंबी श्रृंखला चली। अंग्रेज भारत के लोगों की मेहनत की कमाई लूटकर ब्रिटेन ले जाना चाहते थे। इसी क्रम में 9 अगस्त 1925 को पं. राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खां, चंद्रशेखर आजाद और राजेंद्र नाथ लाहिड़ी जैसे क्रांतिकारियों ने काकोरी में अंग्रेजी खजाने को अपने कब्जे में लेकर आजादी की लड़ाई को नई दिशा दी।
क्रांतिकारियों की वीरता को किया नमन
सीएम योगी ने शचींद्र नाथ बख्शी और मन्मथ नाथ गुप्ता जैसे क्रांतिकारियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि दोनों काशी में जन्मे थे और उन्हें आजीवन कारावास की सजा मिली थी। ब्रिटिश शासन ने उनकी जागीर तक जब्त कर ली थी।
उन्होंने कहा कि शचींद्र नाथ सान्याल का जन्म भी काशी में हुआ था और उन्होंने गोरखपुर में अंतिम सांस ली। पं. रामप्रसाद बिस्मिल, राजेंद्र नाथ लाहिड़ी, अशफाक उल्ला खां और ठाकुर रोशन सिंह को फांसी दी गई। वहीं चंद्रशेखर आजाद ने अंतिम दम तक अंग्रेजों से लड़ते हुए प्रयागराज की धरती पर अपना बलिदान दिया।
स्वतंत्र भारत में भी क्रांतिकारियों को किया गया अपमानित: योगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि अंग्रेजों ने काकोरी की घटना को ‘डकैती’ बताया था, लेकिन स्वतंत्र भारत में सत्ता संभालने वाले कुछ लोगों ने भी इसे ‘काकोरी डकैती कांड’ कहकर क्रांतिकारियों का अपमान किया।
उन्होंने कहा कि काकोरी ट्रेन एक्शन और चौरीचौरा जैसी घटनाओं को कमतर आंका गया। 1922 में गोरखपुर में चौरीचौरा की घटना के बाद कांग्रेस ने आंदोलन स्थगित कर दिया था। महामना मदन मोहन मालवीय ने चौरीचौरा के क्रांतिकारियों का मुकदमा लड़ा था।
‘तत्कालीन कांग्रेस नेताओं ने क्रांतिकारियों को सजा दिलाने का पाप किया’
सीएम योगी ने कहा कि अनेक क्रांतिकारियों को आजीवन कारावास की सजा मिली। शचींद्र नाथ बख्शी और मन्मथ नाथ गुप्ता जैसे महान क्रांतिकारियों को आजादी के बाद वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि जिन लोगों ने देश के युवाओं को उनके नायकों और क्रांतिकारियों से दूर रखा, उन्होंने युवा पीढ़ी के साथ अन्याय किया। उन्होंने कहा कि चंद्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, रानी लक्ष्मीबाई, ऊदा देवी पासी, अवंती बाई और झलकारी बाई जैसे महान नायकों के नाम पर पर्याप्त स्मारक और संस्थाओं के नाम नहीं रखे गए।
पीएम मोदी ने आजादी के नायकों को दिया सम्मान
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताते हुए कहा कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद आजादी के नायकों को सम्मान देने का काम किया गया। बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर से जुड़े पंच तीर्थों के साथ वीर सावरकर, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह और अशफाक उल्ला खां से जुड़े स्मारकों को भी आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने कहा कि काकोरी की घटना को ‘काकोरी ट्रेन एक्शन’ नाम देकर क्रांतिकारियों को सम्मान दिया गया। उनके नाम पर डाक टिकट जारी किए जा रहे हैं और संस्थाओं के नाम रखे जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले योजनाओं और संस्थानों के नाम एक ही परिवार या खानदान के नाम पर रखे जाते थे।
गुमनाम नायकों को खोजने की अपील
सीएम योगी ने आमजन से अपने गांव, क्षेत्र और जनपद के गुमनाम नायकों को खोजने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ऐसे अनेक लोग रहे होंगे, जिन्होंने ‘तेरा वैभव अमर रहे मां, हम दिन चार रहें न रहें’ की भावना के साथ देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के बाद कई क्रांतिकारियों को भुला दिया गया और उन्हें पाठ्यक्रमों में भी उचित स्थान नहीं मिला। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और क्रांतिकारियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र करें। उनके स्मारकों की मरम्मत और सौंदर्यीकरण में सहयोग करें और उन्हें पुष्पांजलि अर्पित कर सम्मान दें।
एक वर्ष में हुए कई कार्यक्रम
मुख्यमंत्री ने कहा कि क्रांतिकारियों की स्मृतियों को जीवंत रखने के लिए काकोरी में शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया। पूरे वर्ष क्रांतिकारियों की स्मृति में अनेक कार्यक्रम आयोजित किए गए। काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों की वर्तमान पीढ़ी और देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी सम्मानित किया गया।
उन्होंने कहा कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत का सपना तभी साकार होगा, जब प्रत्येक नागरिक के मन में राष्ट्र सर्वोपरि का भाव होगा। लोगों को मातृभूमि, भाषा और स्वदेशी उत्पादों के प्रति जागरूक करना होगा।
सीएम योगी ने 15 अगस्त को हर घर तिरंगा फहराने और हर संस्था में वंदे मातरम का गान करने का आह्वान भी किया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, ब्रजेश पाठक, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह, महापौर सुषमा खर्कवाल, राज्यसभा सांसद ब्रजलाल, विधायक नीरज बोरा, ओपी श्रीवास्तव, जय देवी, योगेश शुक्ल, विधान परिषद सदस्य रामचंद्र प्रधान, लालजी प्रसाद निर्मल समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
