Homeउत्तर प्रदेशलखनऊ: शिक्षा-रोजगार पर ‘जस्टिस मोर्चा’ का ऐलान, 20 अगस्त से साइकिल यात्रा

लखनऊ: शिक्षा-रोजगार पर ‘जस्टिस मोर्चा’ का ऐलान, 20 अगस्त से साइकिल यात्रा

रिपोर्ट: प्रिया बाजपेयी शुक्ला

लखनऊ:  उत्तर प्रदेश में शिक्षा, रोज़गार, समान अवसर और युवाओं के भविष्य से जुड़े गंभीर सवालों को लेकर युवाओं द्वारा गठित ‘जस्टिस मोर्चा’ की आज लखनऊ के प्रेस क्लब में आधिकारिक घोषणा की गई।

जस्टिस मोर्चा का मानना है कि उत्तर प्रदेश का युवा आज शिक्षा की बदहाल व्यवस्था, सरकारी शिक्षण संस्थानों के कमजोर होते ढाँचे, बढ़ती बेरोज़गारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं, भर्तियों में देरी और रोजगार के सीमित अवसरों के कारण गहरे असंतोष और असुरक्षा के दौर से गुजर रहा है। यह केवल युवाओं का सवाल नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश के भविष्य का सवाल है।

जस्टिस मोर्चा आने वाले दिनों में प्रदेश के युवाओं के बीच जाकर उनके सवालों को सुनेगा, स्थानीय मुद्दों को उठाएगा और शिक्षा, रोजगार, पारदर्शिता और समान अवसर के पक्ष में व्यापक जनसमर्थन तैयार करेगा।

जस्टिस मोर्चा की 10 प्रमुख मांगें

  1. वार्षिक भर्ती परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए और सभी प्रतियोगी परीक्षाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आयोजित किया जाए।
  2. स्वीकृत लेकिन रिक्त पड़े सभी सरकारी पदों को तत्काल भरा जाए।
  3. लंबित सभी भर्तियों को तत्काल पूरा कर नियुक्ति प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से समाप्त किया जाए।
  4. राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 को वापस लिया जाए।
  5. परीक्षा प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया समाप्त की जाए और प्रत्येक अभ्यर्थी को विस्तृत स्कोर कार्ड उपलब्ध कराया जाए।
  6. संविदा एवं ठेका प्रथा पर रोक लगाई जाए और समान काम के लिए समान वेतन सुनिश्चित किया जाए।
  7. निजी विद्यालयों की मनमानी फीस पर रोक लगाने के लिए फीस की अधिकतम सीमा (Fee Cap) निर्धारित की जाए।
  8. पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन करने वाले छात्रों और शिक्षकों के खिलाफ दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएं।
  9. नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को समाप्त किया जाए और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अधिक पारदर्शी एवं जवाबदेह व्यवस्था बनाई जाए।
  10. सभी शोधार्थियों के लिए समान फेलोशिप सुनिश्चित की जाए, ताकि शोध के क्षेत्र में भेदभाव समाप्त हो और हर शोधार्थी को समान अवसर मिले।

11. अगस्त से प्रदेशव्यापी जनसंपर्क अभियान

जस्टिस मोर्चा की घोषणा के साथ ही प्रदेशव्यापी जनसंपर्क अभियान की शुरुआत की जाएगी। 12 अगस्त, अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस से शुरू होने वाला यह अभियान युवाओं के बीच शिक्षा, रोजगार और उनके भविष्य से जुड़े सवालों को लेकर व्यापक संवाद स्थापित करेगा।

20 अगस्त 2026 से चौरी चौरा, गोरखपुर से एक साइकिल यात्रा की शुरुआत होगी, जो 2 अक्टूबर 2026 को लखनऊ में समाप्त होगी।

चौरी चौरा से काकोरी तक की यह यात्रा उत्तर प्रदेश के युवाओं की आकांक्षाओं, संघर्षों और सवालों को आवाज़ देने का प्रयास होगी। यात्रा के दौरान युवाओं, विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, बेरोज़गार युवाओं और विभिन्न सामाजिक समूहों से संवाद किया जाएगा तथा स्थानीय स्तर पर शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दों को सामने लाया जाएगा।

50 दिनों तक चलेगा व्यापक संवाद अभियान

साइकिल यात्रा के साथ-साथ अगले 50 दिनों तक प्रदेश के सभी 75 जिलों में 800 से अधिक कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और कोचिंग संस्थानों में नुक्कड़ सभाओं, छात्र-युवा बैठकों और जनसंवाद कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।

जस्टिस मोर्चा आने वाले समय में प्रदेश के युवाओं के सवालों को एक व्यापक जनआंदोलन में बदलने की दिशा में काम करेगा। प्रेस कांफ्रेंस में सुधांशु, अर्पिता, गोविंद, देवेश, प्रियेश, मृत्युंजय, विशाल, विवेक, बृजेश, अवनीश, महेंद्र, सूफी, राघव, सत्यम, नीरज शामिल रहे।

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