कानपुर। शादी के बाद छोटी-छोटी असहमतियां संवाद की कमी के चलते बड़े पारिवारिक विवाद में न बदलें, इसके लिए अब भावी दंपतियों को शादी से पहले ही वैवाहिक जीवन की समझ दी जाएगी। कानपुर में राष्ट्रीय महिला आयोग की पहल पर ‘तेरे मेरे सपने’ प्री-मैरिटल कम्युनिकेशन सेंटर की शुरुआत की गई है।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने सोमवार को गोल चौराहे के पास स्थित वन स्टॉप सेंटर में इस केंद्र का शुभारंभ किया। यहां शादी तय हो चुके युवक-युवतियों और विवाह करने जा रहे भावी युगलों को विशेषज्ञों की ओर से निशुल्क काउंसलिंग दी जाएगी।
शादी से पहले समझें रिश्ते की जिम्मेदारियां
केंद्र का उद्देश्य भावी दंपतियों को शादी के बाद आने वाली जिम्मेदारियों और संभावित चुनौतियों के लिए पहले से तैयार करना है। कई बार संवाद की कमी, एक-दूसरे से अलग अपेक्षाएं, आर्थिक मामलों पर मतभेद और पारिवारिक परिस्थितियों को सही तरीके से न समझ पाने के कारण छोटी असहमति गंभीर विवाद का रूप ले लेती है।
ऐसे में विवाह से पहले ही दोनों के बीच सकारात्मक और स्पष्ट संवाद वैवाहिक रिश्ते को मजबूत बनाने में मदद कर सकता है।
डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि विवाह जीवन का महत्वपूर्ण निर्णय है। सफल वैवाहिक जीवन के लिए आपसी संवाद, विश्वास, सम्मान और जिम्मेदारियों की स्पष्ट समझ जरूरी है। समय पर बातचीत और उचित मार्गदर्शन से कई छोटे विवादों को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है।

सोमवार और शुक्रवार को मिलेगी मुफ्त काउंसलिंग
गोल चौराहा स्थित वन स्टॉप सेंटर में हर सोमवार और शुक्रवार भावी दंपतियों को पूरे दिन निशुल्क काउंसलिंग उपलब्ध कराई जाएगी। वन स्टॉप सेंटर की प्रभारी बंदना द्विवेदी और एडवोकेट दिशा अरोड़ा काउंसलिंग देंगी।
काउंसलिंग के दौरान साझा की जाने वाली व्यक्तिगत जानकारी को पूरी तरह गोपनीय रखा जाएगा। केंद्र पर आने वाले युगलों की निजता का भी विशेष ध्यान रखा जाएगा।
इन मुद्दों पर होगी काउंसलिंग
‘तेरे मेरे सपने’ केंद्र में भावी दंपतियों को कई महत्वपूर्ण विषयों पर मार्गदर्शन दिया जाएगा। इनमें—
- आपसी संवाद और विश्वास
- एक-दूसरे के प्रति सम्मान
- भावनात्मक समझ
- आर्थिक नियोजन
- परिवार के प्रति जिम्मेदारियां
- शादी के बाद बदलती भूमिकाएं
- एक-दूसरे की अपेक्षाएं
- मतभेदों का स्वस्थ समाधान
- वैवाहिक अधिकार और दायित्व
शामिल हैं।
इसके साथ ही भावी युगलों को यह भी समझाया जाएगा कि असहमति की स्थिति में बातचीत किस तरह जारी रखी जाए और छोटी समस्याओं को बड़े पारिवारिक विवाद में बदलने से कैसे रोका जाए।

फैमिली कोर्ट में 15 हजार से ज्यादा मामले लंबित
कानपुर में बढ़ते पारिवारिक विवाद भी ऐसे प्री-मैरिटल काउंसलिंग सेंटर की जरूरत को रेखांकित करते हैं। जिले की फैमिली कोर्ट में वर्तमान में 15 हजार से अधिक पारिवारिक मामले विचाराधीन बताए जा रहे हैं। इनमें बड़ी संख्या वैवाहिक विवाद और तलाक से जुड़े मामलों की है।
ऐसे में ‘तेरे मेरे सपने’ केंद्र के जरिए भावी दंपतियों को शादी से पहले ही रिश्ते की जिम्मेदारियों, आपसी सामंजस्य और संभावित चुनौतियों के प्रति जागरूक करने का प्रयास किया जा रहा है।
