रिपोर्ट – प्रिया बाजपेई शुक्ला
लखनऊ। पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने की मांग को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस की लखनऊ जिला इकाई के बैनर तले बुधवार को बैंककर्मियों ने जोरदार प्रदर्शन किया। लालबाग स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की मुख्य शाखा के सामने आयोजित प्रदर्शन में फोरम से जुड़े विभिन्न संगठनों के सैकड़ों बैंककर्मी और पदाधिकारी शामिल हुए।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार और इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) से पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को तत्काल लागू करने की अपील की। बैंककर्मियों का कहना है कि रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी और नाबार्ड समेत कई संस्थानों में पांच कार्य दिवस की व्यवस्था लागू है, ऐसे में बैंक कर्मचारियों को इससे वंचित रखना उचित नहीं है।

कई बार प्रदर्शन और हड़ताल के बावजूद मांग लंबित
फोरम के जिला संयोजक अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग की मांग को लेकर बैंककर्मी पहले भी कई प्रदर्शन, धरना, रैली और सोशल मीडिया अभियान चला चुके हैं। इसी वर्ष 27 जनवरी को एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल भी की गई थी, लेकिन अब तक मांग पूरी नहीं हुई है।
रोजाना 40 मिनट अतिरिक्त काम करने को तैयार
एनसीबीई के महामंत्री डीके सिंह ने कहा कि जब रिजर्व बैंक, एलआईसी, सेबी और नाबार्ड जैसे संस्थानों में पांच कार्य दिवस हो सकते हैं तो बैंकों में यह व्यवस्था लागू क्यों नहीं की जा रही है। वहीं राज्य संयोजक वाईके अरोड़ा ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग लागू होने पर बैंककर्मी प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त कार्य करने के लिए भी तैयार हैं।
एसके संगतानी ने बताया कि आईबीए बैंककर्मियों की मांग को स्वीकार कर सरकार के अनुमोदन के लिए भेज चुका है, लेकिन केंद्र सरकार की ओर से इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। लक्ष्मण सिंह ने कहा कि पांच दिवसीय बैंकिंग कोई भीख नहीं, बल्कि बैंककर्मियों का अधिकार है।

लंबे संघर्ष की चेतावनी
प्रदर्शन में विभिन्न बैंक संगठनों के नेताओं ने कहा कि बैंककर्मियों पर बढ़ते काम के दबाव और तनाव को देखते हुए पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था जल्द लागू की जानी चाहिए। नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांग पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर बैंककर्मी लंबे संघर्ष के लिए तैयार हैं।

प्रदर्शन में वाईके अरोड़ा, डीके सिंह, एसके संगतानी, लक्ष्मण सिंह, संदीप सिंह, सचिन केसरवानी, वीके माथुर, अशोक अग्रवाल और अनिल श्रीवास्तव समेत कई बैंक नेता मौजूद रहे।
